Jharkhand News: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने अब किसानों को नई पहचान देने की शुरूआत की है, जिससे किसानों को कृषि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके तथा गरीब किसान सरकारी योजनाओं से जुड़ भी सके. सरकार राज्य के करीब 58 लाख किसानों के लिए बिरसा किसान योजना शुरू की है जिससे किसान ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो सकें और इस योजना के लिए राज्य कृषि विभाग पारदर्शिता के साथ बिरसा किसान के रूप में पहचान देने के कार्य को मूर्त रूप देने में जुट गया है.Also Read - ऑटो रिक्शा ने धनबाद के जज को जानबूझकर मारी थी टक्कर : हाईकोर्ट में CBI

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झारखंड की कृषि विभाग की निदेशक निशा उरांव सिंहमा ने बताया कि ‘बिरसा किसान’ योजना के तहत, राज्य भर के किसानों को एक विशिष्ट आईडी के साथ पंजीकृत किया जाएगा. इसमें एक बारकोड होगा जिसमें किसानों द्वारा प्राप्त की जा रही योजनाओं का विवरण शामिल होगा. उन्होंने बताया कि प्रज्ञा केंद्रों पर सभी किसानों का ई-केवाईसी किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल प्रामाणिक किसान ही योजना से पंजीकृत हैं. 58 लाख किसानों को ‘बिरसा किसान’ के तहत कवर किया जाएगा. Also Read - Jharkhand Unlock Latest Update: झारखंड की हेमंत सरकार का बड़ा ऐलान-खोल दिए जाएंगे सभी खेल प्रशिक्षण केंद्र

बनेगा किसानों का यूनिक आईडी 

बिरसा किसान के तहत किसानों को एक यूनिक आईडी के साथ पंजीकृत किया जाएगा.

इसमें आधार कार्ड, मोबाइल और बचत खाता संख्या (डीबीटी के लिए) अनिवार्य होंगे.

प्रज्ञा केंद्रों में ई-केवाईसी किया जाएगा, जिसमें केवल आधार संख्या वाले प्रामाणिक किसान ही पंजीकृत हो सकेंगे.

भूमि विवरण इंटरफेस के माध्यम से राजस्व विभाग के डेटाबेस से प्राप्त किया जाएगा.

किसानों के लिए जारी होनेवाले विशिष्ट आईडी कार्ड में एक बारकोड होगा.

विशिष्ट आईडी का उपयोग किसानों की पहचान के रूप में किया जाएगा.

इस संख्या का उपयोग बीज, कृषि उपकरण के तहत किसानों को लाभान्वित करने के लिए होगा.

बारकोड किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत दिए जाने वाले लाभों की जानकारी संग्रहित करेगा.

यह जानकारी भी अलग से एक सर्वर में अपलोड और स्टोर की जाएगी.

योजना से किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकेगा.

बिचौलियों की भूमिका और फर्जी तरीके से लाभ उठा रहे लोगों की पहचान भी की जाएगी.

किसानों का एक डेटाबेस बनाया जाएगा. यह काम चरणवार किया जाएगा.