रांची. झारखंड में विपक्ष द्वारा भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन के खिलाफ गुरुवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला. इस अधिनियम में संशोधन से जमीन की सीधी खरीद की अनुमति मिल जाएगी. बंद कराने की कोशिश को लेकर राज्यभर में विभिन्न जगहों पर विपक्षी पार्टियों के एक हजार से अधिक समर्थकों को गिरफ्तार किया गया. यह बंद सरकार द्वारा उस कानूनी प्रावधान को अनुमति दिए जाने के खिलाफ है जिसके तहत सरकार जमीन मालिकों से सीधे जमीन अधिग्रहीत कर सकती है. ज्यादातर दुकानें व स्कूल बंद रहे, जबकि लंबी दूरी की बसें नहीं चलीं. झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने बंद को सफल बताते हुए राज्य सरकार पर तानाशाही के आरोप लगाए हैं. Also Read - झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को मिली धमकी, सुधर जाओ वरना जान से मार देंगे

ट्रेनें प्रभावित, कई जगह बसें भी नहीं चलीं
विपक्षी पार्टियों के झारखंड बंद के दौरान राज्य में कई जगहों पर यातायात की सेवाओं पर प्रभाव पड़ा. साहेबगंज जिले में रेल सेवाएं प्रभावित हुईं. इधर, झारखंड सरकार ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. गृह सचिव एस.के. रहाटे ने बुधवार को कहा, ‘जो भी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए पाया जाएगा, उसके साथ कानून के अनुसार निपटा जाएगा. उन्हें नुकसान की भरपाई करनी होगी.’ वहीं झामुमो के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बंद समर्थकों को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया है. बंद समर्थकों को रांची के मोरहाबादी मैदान में गिरफ्तार कर रखे जाने पर सोरेन ने कहा, ‘लोकतंत्र की हत्या पर उतारू है ये भ्रष्ट तानाशाह सरकार. अभी मुझे, विपक्ष के तमाम नेताओं सहित हमारे कार्यकर्ताओं सबको मोराहबादी फुटबॉल मैदान में बंदी बना हमारे संघर्ष को कुचलने की नाकाम कोशिश कर रही है ये सरकार.’

पिछले साल विधानसभा ने कानून को दी मंजूरी
झारखंड विधानसभा ने अगस्त 2017 में संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया था, जबकि राष्ट्रपति ने इसे जून में मंजूरी दे दी. राज्य सरकार का कहना है कि यह संशोधन जरूरी था क्योंकि जनोपयोगी परियोजनाओं में पहले के प्रावधानों के कारण देरी हो रही थी, जिसमें सीधी जमीन की खरीद पर रोक थी. भूमि अधिग्रहण संशोधन अधिनियम 2013 में बदलाव के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान हालात को संभालन के लिए राज्य पुलिस के करीब 5,000 कर्मियों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियां, रिजर्व आर्म्ड फोर्स की छह कंपनियां व 3,100 होमगार्ड तैनात किए गए हैं.

(इनपुट – एजेंसी)