नई दिल्ली. झारखंड की गोमिया तथा सिल्ली विधानसभा सीटों से उपचुनाव का परिणाम राज्य में मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पक्ष में आया है. पहले भी दोनो सीटें झामुमो के पास थीं और उपचुनावों में पार्टी ने इन सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यांगते ने बताया कि अभी मतों का पूर्ण विवरण आने में समय लगेगा, लेकिन दोनों सीटों पर मतगणना का काम पूरा हो गया है. दोनों ही सीटों पर झामुमो के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है. गोमिया में झामुमो की बबिता देवी ने आजसू के लंबोदर महतो को पराजित किया और भाजपा के माधवलाल सिंह तीसरे स्थान पर पिछड़ गए. वहीं, सिल्ली में झामुमो की उम्मीदवार सीमा महतो ने आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो को पराजित कर यह सीट झामुमो के पास बरकरार रखी. बता दें कि दोनों स्थानों पर 28 मई को चुनाव हुए थे. सिल्ली में 75 फीसदी और गोमिया में 62 फीसदी मतदान हुआ था. इन चुनावों में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की गठबंधन सहयोगी आजसू और भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़ रहे थे. Also Read - चौथी बार मध्यप्रदेश के सीएम बने शिवराज सिंह चौहान, राजभवन में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

झामुमो विधायकों को जेल होने के कारण हुए चुनाव
बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के दो विधायकों को अलग-अलग आपराधिक मामलों में दोषी करार दिए जाने और दो वर्ष की जेल की सजा सुनाए जाने के कारण यह दोनो सीटें रिक्त हो गई थीं. झामुमो ने एक मामले में दो साल की जेल की सजा पाने के बाद अयोग्य करार दिए गए विधायक योगेंद्र महतो की पत्नी बबीता देवी को मैदान में उतारा था. सिल्ली में झामुमो की सीमा महतो और आजसु के अध्यक्ष सुदेश महतो के बीच सीधा मुकाबला है. इससे पहले गुरुवार की सुबह शुरू हुई मतगणना में देर तक उतार-चढ़ाव देखने को मिले. गोमिया में झामुमो की बबीता देवी ने 12वें दौर की मतगणना तक भाजपा उम्मीदवार माधवलाल सिंह से 9,000 से ज्यादा मतों से बढ़त बनाए रखी. बबीता देवी को 43,502 और माधवलाल को 34,452 मत मिले हैं. इससे पहले, गोमिया में भाजपा के माधवलाल सिंह आजसू के लंबोदर महतो से छठे दौर की मतगणना में 6,000 से ज्यादा मतों से आगे चल रहे थे, जबकि सिल्ली में आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो झामुमो की सीमा देवी से 1,000 से ज्यादा मतों से आगे चल रहे थे. Also Read - भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस छोड़ने वाले MP के 21 पूर्व विधायक, विशेष विमान से भोपाल पहुंचे

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