रांची: झारखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने आज राजभवन परिसर में शपथ ग्रहण की. झारखण्ड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें संविधान के अन्तर्गत शपथ दिलाई. इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और हेमंत सोरेन, झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष दिनेश ओरांव के साथ कई गणमान्य लोग वहां मौजूद थे.Also Read - PM CARES Fund को राज्य, सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित करने की याचिकाओं पर 10 दिसंबर को सुनवाई

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कलकत्ता हाई कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने सुरेन्द्रनाथ कॉलेज ऑफ़ लॉ, कलकत्ता से एलएलबी की पढाई कर, 1985 में पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के साथ जुड़कर वकालत से कार्य शुरु किया. उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत की और 2004 में उन्हें स्थाई जज के रूप में पीठ में शामिल कर लिया गया.

पहले दिल्ली हाई कोर्ट के लिए हुआ था नाम प्रस्तावित

गौरतलब है कि 10 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के रूप में अनिरुद्ध बोस का नाम विधि मन्त्रालय को सुझाया था. लेकिन कानून मन्त्री रवि शंकर प्रसाद ने यह कहते हुए उनका नाम वापस भेज दिया कि जस्टिस अनिरुद्ध बोस दिल्ली उच्च न्यायालय जैसे ‘प्रमुख’ कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर्याप्त अनुभवी नहीं हैं.

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16 जुलाई 2018 को मन्त्रालय के इस तर्क को मानते हुए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम अपना प्रस्ताव वापस लेकर जस्टिस मेनन को दिल्ली हाई कोर्ट और जस्टिस बोस को झारखण्ड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के रूप में प्रस्तावित किया था.  ऐसा कम ही हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने अपने प्रस्ताव को मन्त्रालय द्वारा वापस करने का बाद बदल दिया हो.