Lalu Prasad Yadav: चारा घोटाला मामले (Fodder Scam) में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो(RJD Supremo) लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ने वाली हैं. उनपर जेल में रहते हुए मोबाइल के जरिये बिहार के विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगा है. इसको लेकर झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) में आज जनहित याचिका दाखिल की जा रही है. बता दें कि चारा घोटाला मामले में शुक्रवार को लालू की जमानत याचिका पर सुनवाई भी होनेवाली है. ऐसे में उनकी जमानत पर भी इसका असर पड़ सकता है.Also Read - IAS पूजा सिंघल के केस में खुलासे, कई बड़े नेता शामिल, CBIको जांच सौंपी जाए : ईडी

इस संबंध में अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि बीजेपी नेता अनुरंजन अशोक की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की जा रही है, जिसमें कहा गया है कि लालू प्रसाद यादव जेल में रहते हुए मोबाइल फोन से बिहार के विधायकों को सत्ता का लोभ देते हुए नीतीश सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं जो जेल मैन्युअल का खुला उल्लंघन है. Also Read - प्रशांत किशोर की बड़ी बात: नई सोच से ही बदलेगी बिहार की किस्मत, 30 साल में लालू-नीतीश ने क्या किया क्या दिया

अधिवक्ता राजीव कुमार ने कहा कि इससे पहले भी हाई कोर्ट के कई आदेश हैं जिनमें रिम्स के कॉटेज को राजनीतिक कैदियों द्वारा ऐशगाह बनाए जाने पर संज्ञान लिया गया था. अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अगर किसी राजनीतिक कैदी को कई तरह की बीमारियां हैं तो उसके इलाज के लिए जेल में ही अस्थायी व्यवस्था की जा सकती है. उन दिनों रिम्स के कॉटेज में रहने वाले कई राजनीतिक कैदियों को हाई कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था. Also Read - लालू के लाल तेजप्रताप यादव ने बदले तेवर, बोरिया-बिस्तर लेकर पहुंचे मां राबड़ी के घर, कह दी ये बड़ी बात...

याचिका में कहा गया है कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले मामले में सजायाफ्ता हैं और लगातार दो साल से रिम्स के पेइंग वार्ड और अब रिम्स निदेशक के बंगले में अपना इलाज करा रहे हैं. इस दौरान उन्हें सेवादार सहित अन्य सुविधाएं मिली हैं, जो राज्य सरकार और जेल अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है. ऐसे में हाई कोर्ट को अपने आदेश के आलोक में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए. बताया कि इस पूरे प्रकरण में जनहित याचिका तैयार कर ली गई है जो आज दाखिल कर दी जाएगी.