नई दिल्लीः देश के दूर दराज के इलाकों में शिक्षा का स्तर निचले पायदान पर है. खास तौर पर आदिवासी इलाकों में न तो शिक्षित टीचर मिल पा रहे हैं और न ही बच्चों को पढ़ने के लिए अच्छी सुविधाएं. हमारे सहयोगी चैनल जी न्यूज की एक खबर ने झारखंड के आदिवासी इलाके में शिक्षा की पोल खोल दी है. अंग्रेजी का ज्ञान न होने की वजह से टीचर बच्चों को A से आदिवासी, B से विदेशी C से छोटा नागपुर, D से धरती, E से इमिग्रेन और F से फीता पढ़ा रहे हैं. Also Read - principal held cooking beef school kitchen in jharkhand | झारखंड: स्कूल में बीफ बनाने के आरोप में प्रिंसिपल समेत दो गिरफ्तार

इतना ही नहीं देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि खुले में बच्चों को पढ़ा रहा टीचर घ से घंटी, घंटी बजाने वाला ब्राह्मण और च से चोर, चाचा नेहरू चोरों का प्रधानमंत्री पढ़ा रहा है. टीचर के शब्दों को बच्चे दोहरा रहे हैं. आप कल्पना कर सकते हैं कि टीचर के ज्ञान का स्तर क्या होगा. मामला झारखंड के खूंटी पत्थलगढ़ी इलाके के एक सरकारी स्कूल है.

जब इस संदर्भ में एरिया के एजुकेशन डिपार्टमेंट ऑफिसर से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस तरह की घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया. अधिकारियों ने वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए हैं. स्कूलों में बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी टीचर्स पर है लेकिन इन शिक्षकों को अपने विषय की सामान्य जानकारी तक नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि इन शिक्षकों से शिक्षा हासिल करने वाले बच्चों का भविष्य क्या होगा.