चतरा: झारखंड में राज्‍य की पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल को एक खूंखार माओवादी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है. तीस पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल खूंखार नक्सली रमेश गंझू (Maoist Ramesh Ganjhu) उर्फ आजाद को कल बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया है. उस पर 45 से अधिक केस दर्ज हैं और इस पर 15 लाख का इनाम घोषित है.Also Read - Bihar: JDU नेता डॉ. राजीव कुमार सिंह और उनकी पत्नी खुशबू सिंह पर जिम ट्रेनर की हत्‍या की कोशिश का केस दर्ज

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता एवं पुलिस महानिरीक्षक एवी होमकर ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र में बरवाडीह जंगल में कार्रवाई कर पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 198वीं बटालियन ने खूंखार माओवादी रमेश गंझू उर्फ आजाद को गिरफ्तार कर लिया. चतरा पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने सिमरिया थाना क्षेत्र के बरवाडीह जंगल से तीस पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल खूंखार नक्सली रमेश गंझू उर्फ आजाद को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया. Also Read - झारखंड : 7 लड़कियों की तलाब में डूबने से मौत, मृतकों में एक ही परिवार की 6 बेटियां शाम‍िल

झाखंड पुलिस ने ट्वीट कर बताया है, ” चतरा पुलिस की बड़ी सफलता, सरकार द्वारा घोषित 15 लाख ईनामी दुर्दान्त हार्डकोर भाकपा माओ का रिजनल कमिटी सदस्य रमेश गंझु उर्फ़ आजाद को बरवाडीह जंगल से गिरफ़्तार किया गया. इसके विरुद्ध झारखंड-बिहार के विभिन्न थानो में 45 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं. Also Read - बिहार सीएम नीतीश ने की टीकाकरण महाअभियान की शुरूआत, खुद लिखकर दी पीएम को जन्मदिन की बधाई

पुलिस महानिरीक्षक एवी होमकर ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली कमांडर पर झारखंड एवं बिहार में 45 से अधिक मामले दर्ज हैं और उस पर राज्य पुलिस ने 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. पुलिस ने गिरफ्तार नक्सली के पास से डेढ़ लाख रुपये नकदी भी बरामद किया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सली ने 30 से अधिक पुलिस कर्मियों तथा अनेक ग्रामीणों की हत्या की है.

साल वर्ष 2013 में आजाद के नेतृत्व में लातेहार के बरवाडीह थाना क्षेत्र के अमुवा टीकर गांव के कटिया जंगल में घात लगाकर नक्सलियों ने 14 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी और सभी हथियार लूट लिए थे. इस घटना में कई ग्रामीण भी मारे गए थे.

इसी नक्सली ने वर्ष 2014 में पलामू के विश्रामपुर थाना क्षेत्र के छोटकी कौड़ियां गांव में प्रतिद्वंद्वी नक्सली गिरोह टीपीसी के उग्रवादियों के 16 सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी थी औऱ इनके हथियार छीन लिए थे. इसी प्रकार वर्ष 2018 में बिहार के गया जिले के आमस थाना के रेंगनिया गांव में पुलिस मुखबिरी के आरोप में एक चौकीदार राजेश्वर पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

वर्ष 2013 में बिहार के औरंगाबाद पुलिस कैम्प में तीन स्कार्पियो गाड़ी में सवार नक्सलियों ने गाड़ी को कैम्प में घुसा दिया था और गोलीबारी की थी. इस घटना में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। घटना में नक्सलियों ने पुलिस की अनेक राइफलें लूट ली थीं.