नई दिल्ली. झारखंड में एक बार फिर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने का एक और मामला सामने आया है. प्रदेश के सरायकेला-खरसावां जिले में 22 साल के एक युवक को स्थानीय लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला. गंभीर रूप से घायल अवस्था में पुलिस को सौंपे जाने से पहले लोगों ने युवक को लगातार 18 घंटों तक पीटा. इसके कारण उसकी हालत मरणासन्न हो गई थी. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. स्थानीय लोगों का आरोप था कि युवक चोरी करने आया था, पकड़े जाने के बाद उसके साथ मारपीट की गई. पुलिस ने मारे गए युवक की पहचान तबरेज के रूप में की है.

आपको बता दें कि इससे पहले भी झारखंड के रामगढ़ में मॉब-लिंचिंग की घटना हुई थी. 2017 में रामगढ़ में गाय की तस्करी के आरोप में स्थानीय लोगों ने अलीमुद्दीन अंसारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. घटना के आरोपियों को जमानत मिलने पर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के मिठाई खिलाने और तस्वीर खिंचवाने को लेकर भी सियासी बवाल मचा था. सरायकेला-खरसावां की घटना को लेकर भी कई दलों ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना को लेकर कहा है कि भाजपा और आरएसएस इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं. इनकी सरकारों की कार्यशैली के कारण मुसलमानों को आतंकी समझा जा रहा है.

सरायकेला-खरसावां की घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसके बाद से प्रदेश में राजनीतिक दलों की सियासत तेज हो गई है. घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि लोग बेरहमी से युवक को पीट रहे हैं. तबरेज के परिजनों का आरोप है कि मुसलमान होने के कारण ही उसकी हत्या की गई. क्योंकि तबरेज के साथ मारपीट करने के दौरान लोग उससे जबरन ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ बोलने को कह रहे थे. इधर, घटना के बाद प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरायकेला थाना के प्रभारी और सिनी ओपी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है.

घटना के बारे में पुलिस ने बताया कि इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार, मामला 17 जून का है. सरायकेला-खरसावां में लोगों ने चोरी के शक में तबरेज को पकड़ा था. इसके बाद उसे बेरहमी से पीटा गया. बताया गया कि लगातार मारपीट की वजह से तबरेज कोमा में चला गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने तबरेज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे टाटा मेन हॉस्पिटल रेफर किया गया. शनिवार को टीएमएच में इलाज के दौरान तबरेज की मौत हो गई. हालांकि परिजनों ने युवक के जीवित होने और पिटाई की वजह से कोमा में जाने का आरोप लगाया. इसे लेकर जमकर बवाल भी काटा.

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सरायकेला-खरसावां में मॉब-लिंचिंग की घटना को लेकर एक और जानकारी सामने आई है. बताया गया है कि जमशेदपुर के आजादनगर से तीन युवक एक बाइक पर सवार होकर अपने गांव लौट रहे थे. इसी दौरान सरायकेला थाना के तहत धातकीडीह गांव के ग्रामीणों ने तीनों को चोर होने के शक में पकड़ लिया. ग्रामीणों की पूछताछ के दौरान दो युवक किसी तरह भाग निकले, लेकिन तबरेज नहीं भाग पाया. इसके बाद ग्रामीणों ने उसे बिजली के खंभे में बांधकर पूरी रात पिटाई की. लगातार पिटाई की वजह से तबरेज की हालत गंभीर हो गई. पुलिस ने सूचना पर तबरेज को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.