रांची: झारखंड में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के विरोध में बृहस्पतिवार को विधानसभा में हंगामा किया और अध्यक्ष के आसन के पास जा कर नारेबाजी की, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.Also Read - झारखंड : 7 लड़कियों की तलाब में डूबने से मौत, मृतकों में एक ही परिवार की 6 बेटियां शाम‍िल

विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्य के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के विधायक सदन की कार्यवाही शुरू होते ही काली पट्टी बांधकर हंगामा करने लगे और अध्यक्ष के आसन के पास जा कर नारे लगाने लगे. हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने विरोध कर रहे सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर वापस जाने का आग्रह किया और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने को कहा. Also Read - शख्स ने फोन पर पूछा- अब तुम कितने साल के हो, PM Modi ने दिया चौंकाने वाला जवाब

भाजपा विधायक सदन में हंगामा करते रहे, जिसके परिणामस्वरूप विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा. झारखंड के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम को यह कहते हुए सुना गया कि नारे लगाना एक हद है, लेकिन लगता है कि विपक्षी सदस्य लड़ने आए हैं, जो बेहद शर्मनाक है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. Also Read - Rajya Sabha by-Polls: BJP ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, एल मुरुगन को इन राज्‍यों से उम्मीदवार किया घोषित

विधानसभा में नमाज के लिए कमरा दिए जाने के विरोध में भाजपा ने बुधवार को विधानसभा का घेराव कर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी. पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया और लाठी चार्ज किया.

भाजपा विधायकों ने इससे नाराज होकर विधानसभा में हंगामा किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा सदस्यों ने विधानसभा के बाहर धरना भी दिया.

भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाया. उनका आरोप है कि सोरेन सरकार को संवैधानिक मूल्यों और परंपरा की कोई परवाह नहीं है. झारखंड में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा पिछले सप्ताह एक अधिसूचना के जरिए ‘नमाज’ करने के लिए विधानसभा में एक कमरा आवंटित किए जाने के बाद यह विवाद शुरू हुआ है. भाजपा नेताओं ने इसे असंवैधानिक बताते हुए इस फैसले का विरोध किया है. वे हनुमान चालीसा के जाप के लिए एक अलग हॉल की भी मांग कर रहे हैं.