रांची: केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि चाईबासा में जनवरी में सात आदिवासियों का जिस प्रकार जनसंहार किया गया वैसा उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा लेकिन उससे भी दुखद बात यह है कि राज्य सरकार ने अब तक इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है. शाह ने यहां बाबूलाल मरांडी के झारखंड विकास मोर्चा (प्र) के भाजपा में विलय के लिए आयोजित विशाल जनसभा में यह बात कही. Also Read - Covid-19: गृह मंत्री अमित शाह से लेकर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ तक, इन राज नेताओं ने जलाए दीये

शाह ने कहा, ‘‘चाईबासा में जिस प्रकार गरीब आदिवासियों की नृशंस हत्या की गई और परिवार वालों के सामने गरीब ग्रामीणों के सिर को धड़ से अलग कर दिया गया वैसा मैंने जीवन में कभी नहीं देखा.’’ उन्होंने कहा कि इससे भी दुखद बात यह है कि राज्य में नवगठित सरकार ने इतने नृशंस हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है. शाह ने कहा, ‘‘हम झारखण्ड को पतन के रास्ते पर जाते नहीं देख सकते.’’ Also Read - प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर कांग्रेस का तंज, पूछा- क्या बत्ती बुझाने और दीपक जलाने से कोरोना खत्म हो जाएगा

उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार राज्य में कानून व्यवस्था का हाल रहा और राज्य सरकार इसी प्रकार चलती रही तो भाजपा जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी. उन्होंने कहा कि झारखंड में बाबूलाल मरांडी के भाजपा में वापस आने के बाद अब पार्टी के राज्य में तीनों बड़े नेता-मरांडी, अर्जुन मुंडा तथा रघुवर दास मिलकर भाजपा को आगे ले जायेंगे. Also Read - 14 राज्यों में अब तक तबलीगी जमात के 647 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए: Health Ministry

शाह ने कहा, ‘‘भाजपा राज्य की नयी सरकार को अच्छे कार्यों के लिए और केन्द्र की योजनाओं को लागू करने के लिए रचनात्मक सहयोग देगी लेकिन जनविरोधी कार्यों के खिलाफ वह सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी.’’

(इनपुट भाषा)