रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज दावा किया कि उनके शासन में राज्य में कोई भूखा नहीं मरेगा और न ही उनकी सरकार द्वेष की राजनीति करेगी. झारखंड विधानसभा में आज द्वितीय अनुपूरक बजट मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी जानकारी दी. हेमंत सोरेन ने कहा कि सभी जानते हैं कि पिछली सरकार में भूख से भी अनेक मौतें हुईं लेकिन नयी सरकार के कार्यकाल में ऐसी कोई मौत नहीं होगी.

उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार द्वेष के भाव से राजनीति करने में विश्वास नहीं करती है न ही वह व्यक्तिगत रंजिश में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी सरकार के सामने बड़ा आर्थिक संकट है क्योंकि राज्य सरकार के खजाने खाली हैं लेकिन वह इन चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपनी पहली मंत्रिमंडल में ही राज्य के सभी अनुबंधकर्मियों और छोटे कर्मचारियों के बकाये के भुगतान के निर्देश दिये थे और इसके लिए अनुपूरक बजट में वित्तीय व्यवस्था की है.

विभागवार विस्तृत श्वेत पत्र जनता के सामने पेश करेंगे
उन्होंने विपक्ष के हमले के बीच दावा किया कि राज्य की पिछली सरकार ने सीएनटी और एसपीटी अधिनियमों के प्रावधानों के उल्लंघन की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था लेकिन उसकी रिपोर्ट को वह लागू नहीं कर सकी लेकिन वह सुनिश्चित करेंगे कि इसकी रिपोर्ट को पूरी तरह से और सख्ती से लागू की जाये. हेमंत ने दोहराया कि वह राज्य की वित्तीय स्थिति पर विभागवार विस्तृत श्वेत पत्र जनता के सामने पेश करेंगे.