रांची. झारखंड में विदेशी पर्यटकों की संख्या पिछले चार वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़कर एक लाख सत्तर हजार 987 हो गई. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वर्तमान सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि वर्ष 2013 में 45,995 विदेशी पर्यटक झारखण्ड आए और राज्य सरकार की नीतियों के चलते 2017 में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर 1,70,987 हो गई. उन्होंने बताया कि राज्य में नई सरकार के कार्यकाल में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 271.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

सीएम रघुवर दास बताया कि पर्यटन योजनाओं के तहत देवघर में क्यू कॉप्लेक्स फेज-1 का निर्माण पूरा हो चुका है और रजरप्पा को भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है. दास ने कहा कि श्रावणी मेले समेत राज्य के अन्य मेलों को राजकीय मेले का दर्जा दिया गया है. उन्होंने बताया कि इसी प्रकार मसानजोर और तिलैया बांध में बोटिंग की सुविधा शुरू की गई है. पतरातू बांध को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है. दास ने बताया कि दुमका स्थित मलूटी में स्थापत्य कला के दुर्लभ मंदिरों का संरक्षण कार्य जारी है.

आपको बता दें कि वन-संपदा से समृद्ध झारखंड में पर्यटन की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण स्थान हैं, जहां सालोंभर पर्यटकों का आना लगा रहता है. धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में जहां देवघर, रजरप्पा जैसे मंदिर हैं, वहीं प्राकृतिक टूरिज्म के लिहाज से झारखंड के कई जिले देश-विदेश के सैलानियों के लिए मनमोहक स्थान हैं. इसके अलावा, इस प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या आदिवासी बहुल राज्य की संस्कृति को जानने समझने वाली भी होती है. झारखंड में लुप्तप्राय हो रही आदिवासियों की कई प्रजातियां रहती हैं, जिस पर अध्ययन करने के लिए देश-विदेश के शोधार्थी यहां पहुंचते हैं.