बरही (झारखंड): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक उपचुनावों में बीजेपी को मिली भारी बढ़त का सोमवार को जिक्र करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कर्नाटक में उसने जिसे मुख्यमंत्री बनाया, उन्हें सुबह-शाम बहुमत की बंदूक दिखाती रही थी, और वह जनता के बीच रोते थे, लेकिन आज जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है. प्रधानमंत्री झारखंड विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बरही में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे.

कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में छह सीटों पर जीत और छह सीटों पर बीजेपी की बढ़त का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”कर्नाटक में कांग्रेस ने जिन्हें मुख्यमंत्री बनाया था, उन्हें सुबह शाम बंदूक दिखाई जाती थी.. बहुमत की बंदूक और दिल्ली के लिए एक करोड़… दिल्ली के लिए एक करोड़…दिल्ली के लिए दो करोड़ … की बात होती थी…और वह बिचारे मुख्यमंत्री जनता जनार्दन के बीच जाकर रोते थे …आंसू बहाते थे.

पीएम ने कहा, कर्नाटक में चुनाव के दौरान वहां की जनता ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए अपना मत दिया था. जनता ने कांग्रेस और उसके साथियों की पिछली सरकार के दौरान लापरवाही, भ्रष्टाचार और बेईमानी देखी थी. इसी कारण उन्होंने भाजपा को पसंद किया लेकिन कांग्रेस और उनके साथियों ने मिलकर इस जनमत को धोखा दे दिया. जनता की पीठ में छुरा भोंकने का काम किया.

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और जद(एस) पर्दे के पीछे सांठगांठ करके रातों-रात कुर्सी पर बैठ गए. जिस तरह से कांग्रेस ने सरकार बनाई और फिर एक साल तक सरकार में बने रहने की जतन में लगी रही. जनता की भलाई उनके एजेंडे में थी ही नहीं.

मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री की स्थिति ऐसी बना दी थी, जैसा कि अपहरण करने वाला भी नहीं करता. कांग्रेस के उन कारनामों का जवाब आज जनता जनार्दन ने कमल का बटन दबा कर दे दिया है.

प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा, ”अब कर्नाटक में जोड़-तोड़ वाली सरकार नहीं है. मैं कर्नाटक की जनता को बहुत-बहुत बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूं कि आज उसने अपनी मोहर लगाकर फिर मजबूत सरकार को नई ताकत दे दी है.” उन्होंने कहा कि कर्नाटक में आज जो हुआ वह जनमत और लोकतंत्र की जीत है.

महाराष्ट्र में हाल में अपने गठबंधन सहयोगी शिवसेना से धोखा खाने वाली भाजपा के दर्द को बयान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक परिणाम याद रखना बहुत जरूरी है क्योंकि उठापटक की राजनीति करने वाले नेताओं के लिए यह कड़ा संदेश है.

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, कांग्रेस कभी भी गठबंधन के भरोसे पर खरी नहीं उतरी है. वह अपने मतलब के लिए गठबंधन और जनादेश का उपयोग करती आई है. अपने हितों के लिए वह सहयोगियों का उपयोग कठपुतली की तरह करती है.

– झारखंड में तीसरे चरण में रांची समेत 17 सीटों के लिए 12 दिसंबर को मतदान होगा
– चौथे चरण के लिए 16 दिसंबर को वोटिंग होगी
– पांचवें एवं अंतिम चरण के लिए 20 दिसंबर को मतदान होगा
– पहले चरण के लिए 13 सीटों पर मतदान 30 नवंबर को हुआ
– दूसरे चरण में सात दिसंबर को राज्य की बीस विधानसभा सीटों पर 64.84 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया था.
– झारखंड में पांच चरणों में कुल 81 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं
– झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचों चरण की मतगणना एक साथ 23 दिसंबर को की जाएगी