रांची: झारखंड की मशहूर योग टीचर राफिया नाज़ (Rafiya Naaz) द्वारा योग किया जाना ही उनके लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है. राफिया नाज योग सिखाती और कराती हैं इसे लेकर उन्हें लगातार धमकियाँ दी जाती हैं. कई बार उन पर हमले की कोशिश की जा चुकी है. झारखंड सरकार ने राफिया की सुरक्षा वापस ले ली है, जबकि ये सुरक्षा इससे पहले की बीजेपी सरकार द्वारा मुहैया कराई गई थी. जान के खतरे से परेशान राफिया जब डीजीपी से अपनी बात कहने पहुँचीं तो उनसे अभद्रता की गई. राफिया से जुड़ा ये मामला अब तूल पकड़ रहा है. मानवाधिकार आयोग ने भी इसे गम्भीरता से लेते हुए रांची पुलिस से 12 जुलाई को 8 सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है. महिला आयोग ने भी इसे संज्ञान में लिया है. वहीं, बीजेपी के विधायक दल के नेता बाबू लाल मरांडी ने इस मुद्दे को उठाते हुए पीएम मोदी और गृह मंत्री को पत्र लिखा है और साथ ही हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है. Also Read - MP समेत 11 राज्‍यों की 56 विधानसभा और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव का ऐलान, देखें पूरी डिटेल

रफिया नाज ने बताया कि योग ही उनके लिए परेशानी का सबब बन गया है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे प्रतिदिन जान से मारने की धमकी दी जा रही है लेकिन इसकी शिकायत राज्य सरकार और पुलिस से करने पर उन्होंने उनकी सुरक्षा वापस ले ली और स्वयं पुलिस महानिदेशक ने कहा, ‘मेरा दिमाग न खराब करो’.’’ उन्होंने कहा, “राज्य की पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करायी थी परन्तु नयी सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस लेकर उन्हें धमकी देने वाले कट्टरपंथियों और हमला करने वालों के समक्ष असहाय अकेला छोड़ दिया.’’ Also Read - Unlock-4: बिहार से नेपाल, यूपी और झारखंड के लिए जल्द खुलेंगी बसें, हो रही तैयारी

बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर रफिया को सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले की जांच करवाने की बात कही है. मरांडी ने कहा कि जिस युवती पर राज्य को फक्र होना चाहिए उसके साथ हुई ज्यादती रोंगटे खड़ी करने वाली है. उन्होंने कहा कि राफिया द्वारा इस मामले में फोन पर गुहार लगाने के बाद राज्य के सबसे बड़े ओहदे पर बैठे पुलिस अधिकारी की भाषा प्रदेश के लिये बहुत ही चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि राफिया ने केवल इतना कुसूर किया है कि वह योग को बढ़ावा देती है और लोगों को निरोग बनाने के लिये योग सिखलाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित समुदाय के गिने चुने असामाजिक लोग इसे पचा नहीं पा रहे हैं. मरांडी ने कहा कि राफिया ने इस बारे में पुलिस को कई बार लिखित शिकायत दी. ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज कराईं. Also Read - Video: Jharkhand में पुलिसकर्मियों और पुलिस-सहायक के बीच झड़प, लाठीचार्ज क‍िया, आंसू गैस छोड़ी

उन्होंने कहा, ‘‘प्रभारी पुलिस महानिदेशक द्वारा एक लड़की की बात को बिना पूरा सुने यह कहना कि फोन रखो, दिमाग मत खराब करो गैर जिम्मेदाराना रुख को प्रदर्शित करता है. ऐसे में फिर क्यों नहीं राज्य का कोई दुस्साहसी दारोगा महिलाओं का खुलेआम बाल खींचने और मारपीट करने की दुस्साहस करेगा.’’ पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पूछा कि क्या प्रदेश सरकार चाहती है कि झारखंड से कोई दूसरी मलाला बने? उन्होंने कहा कि यहां योग शिक्षिका के साथ मुट्ठी भर लोगों की मानसिकता को देखते हुए यही लगता है कि सही मायने में यह मामला पाकिस्तान की शिक्षा कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई से इतर नहीं है.