Jharkhand: निलंबित थाना प्रभारी ने सुसाइड किया, नाराज ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर लगाया जाम

झारखंड के पलामू जिले में कल देर रात एक दारोगा ने अपने कमरे में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. नाराज ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 98 को जाम कर दिया

Published: January 11, 2022 11:57 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Laxmi Narayan Tiwari

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(Representational Image)

मेदिनीनगर: झारखंड के पलामू जिले में कल देर रात एक दारोगा ने अपने कमरे में फांसी लगा कर कथित रूप से आत्महत्या कर ली. घटना से नाराज आसपास के गांव के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 98 को जाम कर दिया, जिससे यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा. नावाबाजार थाना के प्रभारी सब इंस्पेक्टर लालजी यादव को कर्त्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया था. उन्हें जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करने और काम में सहयोग नहीं करने को लेकर हुआ था. यादव थाना भवन के एक कमरे में रहते थे. उन्होंने अपने मफलर से फंदा बनाकर पंखे से लटक कर खुदकुशी की. सुबह थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने शव देखा, तब घटना की जानकारी मिली.

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पलामू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुमार विजय शंकर ने मंगलवार को बताया कि नावाबाजार थाना के प्रभारी सब इंस्पेक्टर लालजी यादव ने बीती रात अपने कमरे में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. वह 2012 बैच के दारोगा (पुलिस अवर निरीक्षक) थे. पुलिस सूत्रों ने बताया कि यादव कल ही रांची जिले के बुढमू थाने के मालखाना का प्रभार देकर यहां लौटे थे.

पलामू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छह जनवरी को पलामू पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने दारोगा को कर्त्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया था. उन्हें जिला परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन के साथ अभद्र व्यवहार करने और काम में सहयोग नहीं करने को लेकर हुआ था. यादव थाना भवन के एक कमरे में रहते थे. उन्होंने अपने मफलर से फंदा बनाकर पंखे से लटक कर खुदकुशी की. सुबह थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने शव देखा, तब घटना की जानकारी मिली.

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेजा है. दारोगा के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस का कहना है कि वह मामले की गहनता से जांच कर रही है.

इस बीच, दारोगा की आत्महत्या की खबर से नाराज आसपास के गांव के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 98 को अवरुद्ध कर दिया, जिससे लंबा जाम लग गया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सड़क अवरुद्ध करने वालों का आरोप है कि पलामू जिले के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा और जिला परिवहन पदाधिकारी अनवर हुसैन दारोगा की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.

दूसरी तरफ आक्रोशित लोगों के तेवर देखते हुए नावाबाजार के मुख्य क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस दल प्रतिनियुक्त किया गया है. जाम सुबह छह बजे से खबर लिखे जाने तक जारी है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल के हुसैनाबाद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक संजय कुमार सिंह यादव भी मौके पर मौजूद हैं.

इस बीच मेदिनीनगर-औरंगाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 98 पर नावाबाजार के पास बारह घंटे से लगे जाम को हटाने निर्देश पलामू प्रमंडल के आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने पलामू परिक्षेत्र के आरक्षी उपमहानिरीक्षक राज कुमार लकङा को दिया है.

आयुक्त ने बताया कि मामला स्पष्ट रुप से आत्महत्या का है, इस बात को आंदोलनकारियों को बताने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक को निर्देशित किया गया है ताकि प्रशासकीय समस्या में आम लोगों को हस्तक्षेप करने का अवसर ना मिले. (इनपुट-भाषा)

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Published Date: January 11, 2022 11:57 PM IST