कोलकाता. वेदांता लिमिटेड ने झारखंड में 45 लाख टन क्षमता का इस्पात कारखाना लगाएगी. कंपनी इस संयंत्र पर 3 से 4 अरब डॉलर का निवेश करेगी. वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस संयंत्र की स्थापना हाल में अधिग्रहीत इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड (ईएसएल) के तहत की जाएगी. अग्रवाल ने कहा, “ईसीएल के अंतर्गत यह नया इस्पात संयंत्र होगा और बोकारो में उसी स्थान पर ही होगा. इस तरह से यह पुरानी परियोजना में निवेश होगा. करीब 45 लाख टन की क्षमता के लिए तीन-चार अरब डॉलर के निवेश की संभावना है.”Also Read - Vedanta News: बाल्को के विस्तार पर 6.6 हजार करोड़ रुपये निवेश करेगी वेदांता

वेदांता शुरुआत में ईएसएल की 15 लाख टन की क्षमता को बढ़ाकर 25 लाख टन करने के लिए 30 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि नए संयंत्र के शुरू होने के बाद ईएसएल की कुल क्षमता 70 लाख टन हो जाएगी. हालांकि, अग्रवाल ने इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई. अग्रवाल ने कहा कि नए संयंत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1,20,000 रोजगार के अवसरों का सृजन होगा. अग्रवाल ने कहा कि हमारे पास ईएसएल में 2,200 एकड़ जमीन है. हम और जमीन की तलाश में हैं. इस बारे में झारखंड सरकार का रवैया काफी सहयोग वाला है. Also Read - वेदांता को मिल सकते हैं 40 तेल ब्लॉक, ONGC को दो, HIC को मिलेगा एक ब्लॉक

इस साल मार्च में ईएसएल की कॉरपोरेट दिवाला शोधन प्रक्रिया के तहत वेदांता को सफल आवेदक घोषित किया गया था. कंपनी ने ईएसएल का अधिग्रहण कर नए निदेशक मंडल की नियुक्ति की थी. Also Read - तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन में तांबा संयंत्र का ठीकरा द्रमुक के गले मढ़ा, कहा स्‍टालिन ने दी थी जमीन