एक उपभोक्ता अदालत ने फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और एक होटल पर शाकाहारी व्यंजन की जगह मांसाहारी व्यंजन वितरित करने पर 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपभोक्ता अदालत ने जोमैटो को 45 दिनों के भीतर वकील षणमुख देशमुख को जुर्माने की राशि देने का निर्देश दिया, जिन्हें न केवल एक बार बल्कि दो बार मांसाहारी व्यंजन दिया गया था.

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उन्होंने पनीर बटर मसाला मंगवाया था, लेकिन उन्हें बटर चिकन भेजा गया. चूंकि दोनों ग्रेवी वाले व्यंजन होते हैं, उन्हें पता नहीं चला और उन्होंने उसे पनीर समझ कर खा लिया.

जोमेटो के अनुसार, वकील ने कंपनी को बदनाम करने के लिए इसके खिलाफ शिकायत की, जबकि उसने उनकी राशि वापस कर दी थी. जोमेटो ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि त्रुटि उस होटल के साथ हुई, जिसने गलत व्यंजन की आपूर्ति की, लेकिन फोरम ने इसे समान रूप से दोषी माना. होटल ने हालांकि अपनी गलती मान ली.

जोमैटो और होटल को सेवा में चूक के लिए 50 हजार रुपये और मानसिक उत्पीड़न के लिए शेष राशि का भुगतान करने के निर्देश दिया गया है.