नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2020) आने में कुछ ही समय बाकी है. ऐसे में पूरा 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए काफी उत्सुक है. इस साल कोरोना महामारी के चलते आप इस आजादी के दिन के घर से बाहर निकलकर भले ही सेलिब्रेट नहीं कर पाएंगे लेकिन फिर भी यह दिन काफी खास होगा. भारत ने 1947 में इसी दिन अंग्रेजों की 200 साल तल चली आ रही गुलामी से आजादी पाई थी और एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाई थी. Also Read - Stress In Kids: बच्चों में बढ़ रहा तनाव, इन तरीकों से करें उन्हें रिलेक्स

इस 15 अगस्त जो कि आप घर से बाहर नहीं जा पाएंगे ऐसे में आप घर में रहकर एक खास काम कर सकते हैं. और वह है अपनी कुछ बुरी आदतों से खुद को आजाद करना. जी हां, हर इंसान में कुछ ना कुछ बुरी आदतें होती हैं जिन्हें वह छोड़ना तो चाहती है लेकिन वह सस्पेशल दिन कभी आ ही नहीं पाता. ऐसे में अपनी सभी बुरी आदतों (bad habits) को छोड़ने के लिए 15 अगस्त से अच्छा कोई दिन हो ही नहीं सकता. ये आदतें किसी भी व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर सकती हैं ऐसे में जरूरी है कि आप इस आदतों से आजादी पा लें. आइए जानते हैं इस बुरी आदतों के बारे में- Also Read - सोनिया का मोदी सरकार पर हमला, कहा- सरकार संवैधानिक मूल्यों और प्रजातांत्रिक व्यवस्था के विपरीत खड़ी है

धूम्रपान करना- आजकल के युवाओं की यह सबसे बड़ी गलत आदत है. इससे आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए इस स्वतंत्रता दिवस पर आप अपनी इस बुरी आदत से आजादी पा सकते हैं. Also Read - स्वतंत्रता दिवस पर रूस, भूटान सहित कई देशों ने दी शुभकामनाएं, पीएम मोदी और विदेश मंत्री ने किया शुक्रिया अदा

गलत संगत में रहना- अगर आप गलत संगत में रहोगे तो आपमें भी बुरी आदतें आ जाएंगी. और जीवन में आपको अनेक दुख-दर्द और कष्टों का सामना करना पड़ेगा.

अपमान करना- कभी किसी की भी बुराई या अपमान करने का ख़्याल मन में आए तो इस तरह के ख़्याल को अंदर ही रहने दे जुबान पर न लाए. किसी का अपमान या फिर बुराई करना हमारे व्यक्तित्व को कमजोर करता है. एक अच्छे व्यक्ति में इस तरह की बातें देखने को नहीं मिलती है.

नकारात्मक सोच- नकारात्मक सोच आपको नेगेटिविटी से भर देती है और ऐसे में आप सारे काम गलत करने लगते हैं. नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति आंतरिक भावनाओं के मामले में कमजोर होते हैं और इमोशनली कोई काम न कर पाते हैं और न ही दूसरों की भावनाओं को समझ पाते हैं. वह अपनी देखभाल भी अच्छे से नहीं कर पाते. ऐसे में मन के अंदर पॉजिटिविटी लाना बहुत जरूरी है. इस बार आजादी के पर्व पर अपने अंदर के नकारात्मक सोच को बाहर निकालते हुए पॉजिटिव बनें.