नई दिल्ली: 15 अगस्त 2020 यानी शनिवार को भारत अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस  (74th independence day) मनाएगा. भारत में सभी लोग स्वतंत्रता दिवस का बड़ी धूमधाम से मनाते हैं. स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले से ही सड़कों पर आपको लोग तिरंगे लिए नजर आने लगते हैं. आपको बता दें कि 15 अगस्त 1947 के लिए भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था और इस दिन ही भारत की एक स्वतंत्र राष्ठ्र के रूप में पहचान बनी थी. हर साल 15 अगस्त के दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराते हैं. भारतीय तिरंगे  (National Flag) में तीन रंग-  केसरिया,  सफेद और हरा होता है. ऐसे में स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2020) के मौके पर आज हम आपको भारतीय तिरंगे से जुड़े कुछ ऐसे नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं जो शायद ही लोगों को पता होगा. Also Read - बिहार चुनाव! 14,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी

– तिरंगे बनाने का यह भी नियम है कि वह ऊन, कॉटन, सिल्क या खादी का बना हो. इसके अलावा पेपर या प्लास्टिक के झंड़ों का इस्तेमाल भी न करें. Also Read - कोसी-मिथिलांचल के दिलों को जोड़ेगा महासेतु, 86 साल का लंबा इंतजार आज हुआ खत्म

– यदि झंडे को किसी मंच पर फहराया जाता है, तो उसे इस प्रकार लगाया जाना चाहिए कि जब वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर हो तो झंडा उसके दाहिनी ओर रहे. एक तरीका यह भी है कि झंडे को वक्ता के पीछे दीवार के साथ और उससे ऊपर लेटी हुई स्थिति में प्रदर्शित किया जाए. Also Read - किसान बिल: पीएम मोदी का विपक्ष पर कटाक्ष-किसान सब देख रहा है, कौन हैं ये बिचौलिए...

– झंडा किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए.

– किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊँचा या ऊपर नहीं लगाया जाएगा, न ही बराबर में रखा जाएगा.

– सरकारी भवन पर झंडा रविवार और अन्य छुट्‍टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है.

– भारतीय नागरिक अब रात में भी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहरा सकते हैं. इसके लिए शर्त होगी कि झंडे का पोल वास्तव में लंबा हो और झंडा खुद भी चमके.

– झंडे को सदा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए. फहराते और उतारते समय बिगुल बजाया जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि झंडे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए.

– फहराए गए झंडे की स्थिति सम्मानजनक बरकरार होनी चाहिए. फटा या मैला-कुचैला झंडा नहीं फहराया जाना चाहिए. झंडा फट जाए, मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से पूरी तरह नष्ट कर दिया जाए.