Acidity Bloating: एसिडिटी और ब्‍लोटिंग की समस्‍या ऐसी है, जिससे लगभग हर शख्‍स परेशान है. तमाम इलाज और दवाइयों के बाद भी ये समस्‍या बनी रहती है.

लगातार कब्ज रहने से शरीर के पाचन तंत्र पर काफी असर होता है. सिरदर्द, गैस, भूख में कमी, कमजोरी, जी-मिचलाना आदि समस्याएं उत्पन्न होती हैं.

पेट खराब हो इससे मुंहासे, काले दाग भी हो जाते हैं. पूरे दिन काम में मन नहीं लगता. पेट फूला-फूला रहता है, भारीपन महसूस होता है. मुंह से बदबू, कमर दर्द, छाले आदि में कब्‍ज के कारण होते हैं.

यही नहीं कब्ज सी पीड़ि‍त लोग आलस्य से भरपूर रहते हैं. उन्‍हें नींद न आना, निराशा, किसी काम में मन न लगना, भूख न लगना जैसी समस्‍याएं भी होने लगती हैं.

कब्‍ज के इलाज के लिए अगर ऐलोपैथिक दवाएं ली जाएं तो इनके साइड इफेक्‍ट काफी होते हैं. इसलिए बेहतर है कि इस समस्‍या के लिए देसी इजाल को तवज्‍जो दी जाए.

– सबसे पहले तो ये ध्‍यान रखें कि आप संतुलित भोजन लें. भोजन में फाइबर खूब हो. रेशेदार आहार हो. हरी सब्जियां हों, दाल, दही आदि हो.

– जैसे हरी सब्जियां स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी हैं, वैसे ही फल भी. कोशिश करें कि मौसमी फलों का अवश्‍य सेवन करें.

– रात को सोने से पहले 10 से 12 मुनक्का खाने की आदत डालें. इससे कब्ज में काफी राहत मिलती है.

– किशमिश या अंजीर को कुछ देर तक पानी में भिगो दें. अब इसका सेवन करें. ऐसा रोज करें. कब्‍ज में काफी फायदा होगा.

– रोज रात में हरड़ का चूर्ण या त्रिफला चूर्ण, गुनगुने पानी के साथ पीएं. फिर सो जाएं. ये कब्‍ज की रामबाण औषधि है.

– नियमित रूप से व्यायाम या योगासन करना चाहिए.

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