अक्सर आपने सुना होगा कि पुर्नजन्म होता है, कई लोग ये भी कहते हैं कि पति-पत्नी का साथ सात जन्मों का होता है. पर क्या ये सच है?

इन प्रचलित बातों को विज्ञान हमेशा अस्वीकारता आया है. वो बिना किसी लॉजिक के कोई तथ्य नहीं रखता. पर एक शोध के जो नतीजे आए, वो चौंकाने वाले थे.

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ये शोध किया था अमेरिका के एरिजोना यूनिवर्सिटी ने. इसमें कहा गया था कि मौत के बाद जीवनसाथी (चाहे पति हो या पत्नी) की आदतें आपके साथ जुड़ी रहती हैं. उसकी आदतें आपके जीवन को बेहतर बनाती हैं.

2016 में इस अध्ययन की रिपोर्ट सामने आई थी. अध्ययन में शामिल रहीं मुख्य शोधार्थी अमेरिका के एरिजोना यूनिवर्सिटी की काइली बुरासा थीं. उन्होंने कहा, ‘ऐसे व्यक्ति जो हमारे दिल के सबसे निकट होते हैं, मृत्यु के बाद भी हमारे जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करते रहते हैं.’

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चौंकाने वाली बात ये थी कि शोध में कहा गया कि अगर किसी एक साथी की मत्यु हो जाती है तो भी दूसरे जीवित साथी के साथ उसका संबंध किसी जीवित दंपति जैसा ही मजबूत बना रहता है.

शोध के दौरान 18 यूरोपीय देशों और इजरायल में 80 हजार वृद्धों पर किए जा रहे अध्ययन के आंकड़ों का अध्ययन किया गया था.

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अध्ययन में विशेष तौर पर शोधार्थियों ने ऐसे 546 व्यक्तियों से संबंधित आंकड़ों की जांच की, जिनके एक साथी की अध्ययन के दौरान मृत्यु हुई थी. इसके अलावा 2,566 ऐसी जोड़ियों से संबंधित आंकड़ों की भी जांच की गई, जिनमें दोनों ही साथी जीवित हैं. अध्ययन के दौरान किसी एक साथी की मृत्यु के बाद भी जीवित साथी में एक-दूसरे के प्रति परस्पर-निर्भरता जैसी स्थिति पाई गई.

बुरासा और उनके साथी यह देखकर चकित हो गए थे कि यह परस्पर-निर्भरता किसी एक साथी के मरने के बाद भी कायम रहती है. बुरासा के अनुसार, ‘अगर हम किसी को प्यार करते हैं और उसे खो देते हैं, तो प्रभाव के रूप में ही सही लेकिन वह हमारे साथ रहते हैं.’ इस शोध को पत्रिका ‘साइकोलॉजिकल साइंस’ में प्रकाशित किया गया था.

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