हवा के दूषित होने और बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों क समस्या को और बढ़ा दिया है. दिवाली का त्योहार वैसे तो हिंदुओं का सबसे बड़ा पर्व है लेकिन इसे प्रदूषण बढ़ाने का एक मुख्य स्रोत कहना भी गलत नहीं होगा. ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा समस्या बच्चों और बुजुर्गों को होती है. वहीं डॉक्टर्स की मानें तो वह बढ़ते प्रदूषण में मॉर्निंग वॉक पर न जाने की सलाह दे रहे हैं. इस समस्या से निपटने के लिए इन दिनों बाजारों में एयर प्यूरीफायर धड़ल्ले से बिक रहे हैं.

एयर प्यूरीफायर एक ऐसी मशीन है जो प्रदूषित हवा को साफ और सांस लेने योग्य बनाती है. यह तकनीक इतनी प्रभावशाली है कि हवा में मौजूद सभी हानिकारक तत्वों, बैक्टीरिया और खतरनाक वायरस को मारकर हवा को साफ करती है. यह मशीन प्रदूषण भरे माहौल को साफ बनाने का एक अच्छा तरीका है.

एयर प्यूरीफायर लेते समय इस बात का ख्याल रखें की उसमें किस तरह का फिल्टर इस्तेमाल किया गया है. प्यूरीफायर में इस्तेमाल किए गए फिल्टर में पोलन, डस्ट, स्मोक और हानिकारक पॉल्यूटेंट्स को फिल्टर करने की क्षमता होनी चाहिए. सबसे पहले अपने कमरे के साइज पर ध्यान दें और उसके अनुरूप एयर प्यूरीफायर खरीदें. कमरे के साइज के मुताबिक एयर प्यूरीफायर लेने में ही समझदारी है.

बाजार में छोटे से लेकर बड़े साइज के प्यूरीफायर मौजूद हैं. एयर प्यूरीफायर में सबसे एयर चेंज रेट सबसे जरूरी बिंदु है. इससे पता लगता है कि प्यूरीफायर ने एक घंटे में कमरे की हवा को कितनी बार साफ किया है. इसका मतलब यह कि अगर कोई प्यूरीफायर 5ACH (एयर चेंजिंग रेट) का दावा करता है तो वह हर 12 मिनट में हवा साफ करेगा. अगर आपके परिवार में किसी को अस्थमा है तो आपको 5 से 6 CADR (क्लीन एयर डिलीवरी रेट) रेटिंग का प्यूरीफायर लेना चाहिए.

ऐसा एयर प्यूरीफायर खरीदना चाहिए जो एक्टिवेटिड कार्बन लेयर तकनीक के साथ काम करे. इसके जरिए हवा में मौजूद सभी हानिकारक गैस और प्रदूषित कण भी साफ हो जाते हैं. जितना बड़ा कार्बन फिल्टर होगा वह उतनी ज्यादा केमिकल गैस फिल्टर करने में सक्षम होंगे.