जोधपुर: साल 2013 में नाबालिग रेप केस मामले पर आज आसाराम को दोषी करार दिया गया है. ये होना ही था क्‍योंकि प्रत्‍यक्षदर्शियों ने आश्रम की जो कहानियां सुनाईं थीं वो इतनी भयावह थीं कि किसी के भी रौंगटे खड़े हो जाएं.

आसाराम के बेटे नारायण साईं के पर्सनल सेक्रेटरी ने बताया था कि आश्रम में वो घिनौना काम होता था जिससे उसने दो साल के भीतर ही अपना पद त्‍याग दिया था. 2003 से 2005 के बीच आसाराम के आश्रम में काम करने वाले और उसकी गतिविधियों को करीब से देखने वाले महिंदर चावला ने मीडिया को बताया था, ‘मैंने उसे कार से लाए जाते देखा. उसे आसाराम के कमरे में ले जाया गया. बाद में वो रोती हुई निकली. सुबह सेवेरे आश्रम में उसकी चीखें सुनाई दे रही थीं. वो आसाराम पर चिल्‍ला रही थी. वो उसे जानवर कह रही थी. तभी वहां आसाराम और उसके कार्यकर्ता वहां आए. उन्‍होंने उसे गाड़ी में जबरन बिठा दिया. ‘बाबा’ कह रहे थे कि लड़की पर काला जादू हो गया है जिसे उनके दुश्‍मन तांत्रिक ने किया है.’

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महिंदर ने ये भी कहा था कि उसके दोस्‍त के कहने से वो आसाराम के सत्‍संग में गया. वहां उनसे प्रभावित होकर उनके साथ काम करने लगा. पर जल्‍द ही उसे पता चल गया कि वहां क्‍या कुछ होता है.

उसने बताया, ‘नारायण साईं के ड्राइवर ने उसे बताया कि वो आधी रात को उनके और आसाराम के लिए किस तरह लड़कियां तलाशते थे. उसने खुद महिलाओं के साथ उन दोनों को सेक्‍सुअल पोजिशिन में देखा था.’

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आसाराम के पास करीबन 10 हजार करोड़ की संपत्ति थी. जिसमें से ज्‍यादातर पैसा भक्‍तों द्वारा दान किया हुआ था. इस पैसे को आसाराम लोगों को कर्ज देने और इन्‍वेस्‍टमेंट करने में यूज करता था.

यही नहीं जब नाबालिग लड़कियों ने आसाराम और उसके बेटे पर रेप के आरोप लगाए तो ये भी कहा था कि आसाराम की पत्‍नी लक्ष्‍मी देवी और बेटी भारती देवी की इसमें अहम भूमिका थी. दोनों जवान लड़कियों की सप्‍लाई का काम किया करती थीं.