Autumnal Equinox 2019: हर साल 23 सितंबर का दिन खास होता है. हर साल इस तारीख पर दिन-रात बराबर होते हैं.

यही नहीं, 23 सितंबर के बाद से सर्दियों के छोटे दिन और लंबी रातों का सिलसिला भी शुरू हो जाता है.

कैसे होता है ये
सूर्य के उत्तरी गोलार्ध पर विषवत रेखा पर होने के कारण ही 23 सितंबर को दिन और रात बराबर होते हैं. खगोलीय घटना के बाद दक्षिण गोलार्ध में सूर्य प्रवेश कर जाएगा और उत्तरी गोलार्ध में धीरे-धीरे रातें बडी़ होने लगेंगी.

23 सितंबर का अर्थ
हर साल चार बार 21 मार्च, 21 जून, 23 सितम्बर और 22 दिसम्बर को होने वाली खगोलीय घटना से आम लोगों पर असर पड़ता है. 23 सितम्बर को होने वाली खगोलीय घटना में सूर्य उत्तर गोलार्ध से दक्षिण गोलार्ध में प्रवेश के साथ उसकी किरणें तिरछी होने के कारण उत्तरी गोलार्ध में मौसम में सर्दभरी रातें महसूस होने लगती हैं.

कब-कब होते हैं दिन- रात बराबर
हर साल दो दिन यानी 21 मार्च और 23 सितंबर को दिन-रात बराबर होते हैं. यह इसलिए ऐसा होता क्‍योंकि 21 जून को दक्षिणी ध्रुव सूर्य से सर्वाधिक दूर रहता है, इसलिए इस दिन सबसे बड़ा दिन होता है.

इसके बाद 22 दिसंबर को सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायन की ओर प्रवेश करता है, इसलिए 24 दिसंबर को सबसे छोटा दिन और सबसे बड़ी रात होती है. तत्पश्चात 25 दिसंबर से दिन की अवधि फिर बढ़ने लगती है.

लाइफस्‍टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए Lifestyle पर क्लिक करें.