नई दिल्ली: सर्दी का मौसम शुरू हो गया है. ऐसे में हर कोई चाहता है कि वो कुछ ऐसे उपाय करें कि जिससे वो पूरे सीजन बीमार न पड़े और सर्दी का भरपूर आनंद उठाए. अक्सर देखा गया है कि सर्दियों में लोग कई तरह की बीमारियों से घिर जाते हैं. बच्चों और बुजुर्गों को सर्दी, जुकाम, बुखार और कफ की समस्या ज्यादा होती है. ऐसे में आप खुद को और पूरे परिवार को आयुर्वेद तरीके से फिट रख सकते हैं. आयुर्वेद में कई ऐसे घरेलू नुस्खे हैं जिन्हें अपनाकर आप फिट रह सकते हैं:-

1. अश्वगंधा का करें प्रयोग
आपके शरीर की बहुत सारी परेशानियों को दूर करने के लिए अश्वगंधा एक चमत्कारी औषधि के रुप में काम करती है. यह शरीर को बीमारियों से बचाने के अलावा दिमाग और मन को भी स्वस्थ रखती है. अश्वगंधा आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से कफ-वात शामक, बल्यकारक, रसायन, बाजीकरण, नाड़ी-बलकारक, दीपन, पुष्टिकारक और धातुवर्धक होता है. सभी जड़ी बूटियों में से अश्वगंधा सबसे अधिक प्रसिद्ध जड़ी बूटी मानी जाती है. भारत में पांरपरिक रूप से अश्वगंधा का उपयोग आयुर्वेदिक उपचार के लिए किया जाता है. शोधकर्ताओं के अनुसार तनाव और चिंता के लक्षणों को दूर करने के लिए अश्वगंधा सबसे अधिक फायदेमंद साबित होता है. बाजारों में आसानी से अश्वगंधा की दवा, चूर्ण व कैप्सूल आदि मिल जाते हैं.

2. लहसुन का प्रयोग
लहसुन के अंदर एंटीसेप्टिक, एंटी-फंगल और पोषक गुण समाए हैं. आयुर्वेद द्वारा हजारों सालों से लहसुन को प्रतिरक्षा बूस्टर के रूप में उपयोग किया जाता है. यह एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट है, जो बिना किसी दुष्प्रभाव के शरीर को बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण से बचाता है. यह सर्दी के दौरान होने वाली खांसी, जुकाम और छाती के संक्रमण के खिलाफ एक अच्छी दवा है.

3. अदरक का करें प्रयोग
प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले लाभों से भरा एक घटक, अदरक भी मतली को रोकने में मदद करता है और एक पेट की परेशानी को दूर करता है. अदरक आपके शरीर को गर्म रखने में भी बहुत प्रभावी है. नींबू के साथ एक कप अदरक वाली चाय पीने से शरीर से सर्दी छूमंतर हो जाती है.

4. अम्बा हल्दी की उपयोगी
कच्ची हल्दी के रूप में भी जानी जाती है, यह एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो ज्यादातर मानसून के मौसम में पाई जाती है. यह पेट और पाचन तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद करता है. इन सभी जड़ी-बूटियों के अलावा, चाय और टॉनिक के रूप में उपयोग किए जाने वाले आंवला, पवित्र तुलसी और त्रिफला भी प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मदद करते हैं.