अक्‍सर आपने देखा होगा कि लोगों के बर्ताव में ऐसा बदलाव आता है, जो उनकी पर्सनेलिटी से मेल नहीं खाता. जैसे कोई हंसमुंख व्‍यक्ति अचानक चिढ़ा-चिढ़ा सा रहने लगे, उदास हो जाए. या कोई अकेला सा रहने लगे. ऐसा क्‍यों होता है?Also Read - Covid-19 Risk: गर्भावस्था में हो जाए कोविड तो बढ़ता है ये खतरा, शोध में सामने आईं अहम बातें

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इसकी वजहों में से एक वजह की पहचान शारीरिक बीमारी के तौर पर हुई है. यानी जब शरीर अंदर से बीमार हो तो व्‍यक्ति के बर्ताव में भी बदलाव होते हैं. एक शोध में ये बात सामने आई है.

stressed woman

इसमें बताया गया है कि दुख और गुस्‍से जैसे नेगेटिव भाव, शरीर में बीमारी से संबंधित हैं. जैसे शरीर में किसी तरह की सूजन हो, तो व्‍यक्ति गुस्‍से में रहता है. दरअसल ये खराब सेहत का संकेत होता है.

अमेरिका के पेनसिल्वानिया स्टेट यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि समय-समय पर एक दिन में मापी गई नकारात्मक मनोदशा, सूजन एवं जलन बायोमार्कर के बढ़े हुए स्तर से जुड़ी होती है.

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यह अध्ययन पूर्व में हुए शोध का विस्तार है जिसमें देखा गया था कि क्लीनिकल अवसाद एवं शत्रुता का संबंध जलन से होता है.

लंबे समय तक जलन या सूजन होने से मधुमेह, ह्रदयवाहिनी एवं कुछ तरह के कैंसर समेत कई बीमारियां हो सकती हैं. यह अध्ययन ‘ब्रेन, बिहेवियर एंड इम्युनिटी’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

(एजेंसी से इनपुट)

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