अगर आप भी माता पिता बन गए हैं तो इस बात को जरूर समझ लें कि परफेक्‍ट पैरेंटिंग की कोई परिभाषा नहीं है. हम खुद अपनी गलतियों से सीखते हैं। टूटना, टूटकर बिखरना, रोना और फिर खड़ा होना, जिंदगी में आम है. मां-बाप बनने के बाद अपने लिए समय निकालने का ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप अच्‍छी मां या अच्‍छे पिता नहीं हैं. Also Read - Parenting Tips: कोरोना वायरस से संक्रमित महिलाएं शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग कराते समय जरूर करें ये काम

बच्चे जब तक एक खास उम्र तक होता हैं वो हर किसी के साथ अपनी दिल की बात करते हैं, लेकिन एक वक्त के बाद वो ऐसा करने से बचते हैं फिर चाहे वो मां हो या फिर पिता. लेकिन आजकल के बदलते दौर में कई सारी चीजें मां बाप को परेशान कर रही है जैसे की कहीं वो किसी गलत रास्ते पर ना चला जाए, उसके दोस्तों का असर उसपर कैसा है और उसका स्वभाव चीजों को लेकर कैसा है. कई सारे माता पिता अपने बच्चों के साथ कुछ ज्यादा सख्ती दिखा देते है जिस वजह से बच्चे उनसे बातें करना बंद कर देते हैं लेकिन आज हमको कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे जिनकी मदद से आपके बच्चे और आपका रिश्ता दोस्त की तरह हो जाएगा. Also Read - Healthy Parenting With Corona Virus: अगर माता और पिता दोनों हैं कोरोना पॉजिटिव तो जानें कैसे रखें अपने बच्चे का ख्याल, ऐसी रखें तैयारी

1. जरुर दें बच्चों का साथ
बतौर माता-पिता आपको अपने बच्चे के साथ सख्त होना बनता है लेकिन कई बार आपको उसके साथ भी खड़ा होना पड़ता है. अगर उससे अनजाने में कुछ गलतियां हुई हैं तो आप उन्हें नजरअंदाज करें उन्हें समझाएं ना कि उनपर गुस्सा करें और उन्हें डांटें. कई बार कुछ चीजें बड़े भी गलत कर जाते हैं ऐसे में आपको उनका स्पेस देना होगा इन चीजों के लिए ताकि बच्चे अपनी चीजों को आपसे ना छुपाएं. Also Read - Parenting Tips: बच्चों के लिए बेहद जरूरी होता है दादा-दादी का साथ, ये है बड़ी वजह

2. बच्चों के साथ अच्छा रखें बॉड
आजकल हर कोई नौकरी और पैसा कमाने के लिए व्यस्त रहता है लेकिन आपको अपने बच्चों के लिए समय निकालना होगा, ताकि बच्चे आपको समझ सकें. उनके साथ आप खेलें, उनकी पसंद नापसंद को जानें. इसके साथ ही वो क्या सोचते हैं उनके दोस्त कौन से हैं जैसी चीजों पर उनसे बाते करें ताकि आपको पता चले की वो जब आपसे दूर होता तो वो किस लोगों के बीच में होता है और जब आप ऐसा करेंगे तो आपका बच्चा आपके साथ चीजें शेयर करेगा. अपने बच्चों के साथ समय- समय पर घूमने का प्रोग्राम बनाएं और बच्चों के साथ एक दोस्त की तरह रहने की कोशिश करें

3.प्यार का अहसास कराते रहें
हर किसी को अपने बच्चे से प्यार होता है लेकिन जब बच्चे कुछ गलती करें तो हर बार उन्हें डांट कर काम ना चलाएं उन्हें प्यार से समझाएं और कोशिश करें की वो गलती करें तो आपको बताए ताकि आप चीजों को सुधार सकें.