Junk Food Side Effects: पिज्जा, बर्गर, मोमोज, सैंडविच, फ्रेंच फाइज आजकल हर किसी के फेवरेेट हैं. जंक फूड की बात हो तो कोई मना ही नहीं करता. हर किसी को इसका स्‍वाद इतना पसंद जो है. पर ये जंक फूड हमारी सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं. कई बार इनका असर ऐसा होता है जिसकी हम-आप कल्‍पना तक नहीं कर सकते. Also Read - Clay Pot Water: गर्मियों में घड़े के पानी का रोजाना करें इस्तेमाल, होगें 5 बेमिसाल फायदे

कुछ समय पहले ऐसी ही एक खबर आई थी. इसमें बताया गया था कि ब्रिटेन में एक लड़के की आंखें जंक फूड खाने की वजह से चली गईं. जी हां, जंक फूड की वजह से. Also Read - Covid-19: कितना होना चाहिए बॉडी में ऑक्सीजन लेवल? जानिए शरीर में कम Oxygen level को कैसे पहचानें

खबरों के अनुसार, यूके के इस लड़के ने अपना मनपसंद फूड लगातार 10 सालों तक खाया. उसके इस फेवरेट फूड में शामिल थे फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, व्हाइट ब्रेड, सॉसेज और हैम. Also Read - Garlic Juice Benefits: लहसुन के जूस के फायदे, जानें कोरोना काल में कैसे बूस्ट करता है इम्यूनिटी

अचानक इसे काफी धुंधला दिखना शुरू हुआ. ये डॉक्‍टर के पास पहुंचा और बताया कि उसने सात साल की उम्र से कोई भी फल या सब्जी नहीं पसंद है. उसे इनका स्वाद बिल्कुल पसंद नहीं. इसी वजह से इसने सात साल की उम्र से ही फल और सब्ज़ियां छोड़ जंक फूड खाना शुरू कर दिया.

डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार सालों से सिर्फ जंक फूड खाने से इस लड़के के शरीर में कुछ विटामिन्स की कमी हुई, जिस वजह से यह अब अपनी आंखों की रोशनी खो चुका है.

ब्रिस्टल एनएचडी फाउंडेशन ट्रस्ट के डॉक्टर डेनिज ऐटन ने जब इस लड़के की जांच की तो उन्‍होंने बताया कि इस लड़के को AFRID (एवोइडेंट-रेस्ट्रिक्टिव फूड इन्टेक डिसॉर्डर या Avoidant-Restrictive Food Intake Disorder) भी है. इस बीमारी में पीड़ित लोगों को कुछ खास तरह से फूड की खूशबू, स्वाद और टेक्स्चर पसंद नहीं आते.

इस लड़के की आंखों की रोशनी न्यूट्रिनश ऑप्टिक न्यूरोपैथी (Nutritional Optic Neuropathy या NON) की वजह से गई, जो कि गरीब बच्चों जिन्हें भरपूर मात्रा में पौष्टिक भोजन नहीं मिल पाता, में पाया जाता है.

डॉक्टरों के मुताबिक इस लड़के का कद और बीएमआॉई (बॉडी मास इंडेक्स) नॉर्मल है, लेकिन इसके शरीर में विटामिन बी12 की कमी पाई गई है. विटामिन बी12 दूध, मछली और अंडों में पाया जाता है. इस लड़के की स्थिति सालों तक ऐसी ही बनी रहेगी.

इस लड़के के शरीर में 14 साल की उम्र से विटामिन बी12 की कई आना शुरू हुई. डॉक्टरों ने विटामिन बी की कमी पूरी करने के लिए दवाइयां भी लिखीं. लेकिन दवाइयों का कोई असर नहीं हुआ और इस लड़के की 15 साल की उम्र में आंखों की रोशनी चली गई.

शारीरिक विकास में बाधा

कई शोधों में ये बात सामने आ चुकी है कि जंक फूड का सेवन करने वाले बच्‍चों में इसके कारण पोषण की कमी हो जाती है. जिससे कई बार उनके शारीरिक विकास में भी बाधा आती है. दरअसल, जंक फूड से पेट तो भर जाता है पर इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जो दाल-रोटी, सब्जी-चावल जैसे खाने में होते हैं. इससे शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा आती है.

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