Brucellosis Outbreak: चीन से निकलकर पूरी दुनिया पर कहर बरसाने वाले कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. भारत में भी कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है. इस बीच चीन में एक और वायरस ने हमला कर दिया है. इस वायरस का नाम है ब्रूसीलोसिस (Brucellosis), जो जानवरों और हवा के माध्यम से लोगों में फैल रहा है. चीन के गांसु प्रांत की राजधानी लान्चो में इस वायरस से अब तक 3 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. ब्रूसीलोसिस को माल्टा फीवर से भी जाना जाता है. चीन में इस बीमारी के मरीजों में दिन पर दिन इजाफा हो रहा है.Also Read - कोविड-19 महामारी में डोलो ने तोड़ा बिक्री का रिकॉर्ड, बिकी 350 करोड़ से ज्यादा गोलियां

चीन में ब्रूसीलोसिस(Brucellosis outbreak in China)
लान्चो के स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक, ब्रूसीलोसिस नाम की यह बीमारी पशुओं के संपर्क में आने से फैल रही है. चीन की सरकारी वेबसाइट ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, बैक्टीरिया जुलाई-अगस्त 2019 के बीच लेंझॉउ शहर से फैला. बैक्टीरिया उस फार्मा फैक्ट्री से फैला है, जहां इसकी वैक्सीन तैयार की जा रही थी. Also Read - Covid 19 In Maharashtra: एक दिन में 46,197 लोग हुए संक्रमित, जानें दिल्ली और केरल के आंकड़ें

भारत में ब्रूसीलोसिस (Brucellosis in India) Also Read - Revised Guidelines: कोरोना पर सरकार की संशोधित गाइडलाइंस- 5 साल से कम उम्र के बच्चों का मास्क लगाना जरूरी नहीं

ब्रूसीलोसिस जीनस ब्रुसेला से संबंधित बैक्टीरिया के एक समूह के कारण होता है. लोगों में यह बीमारी कच्चे या बिना पकाए गए डेयरी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से फैलती है. यही नहीं, किसी संक्रमित जानवर के सीधे संपर्क में आने से भी ब्रूसीलोसिस के फैलने का खतरा बना रहता है. हाल ही कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह बीमारी भारत में प्रवेश कर चुकी है और मनुष्यों और जानवरों को प्रभावित करने लगी है.

ऐसे में पहले ही कोरोना को लेकर चिंतित वैज्ञानिकों की चिंता इस बीमारी के चलते और भी बढ़ गई है. वैज्ञानिक इस बात को लेकर चिंता में हैं कि अगर ये बीमारी भी COVID-19 की ही तरह महामारी का रूप ले लेगी, तो ये देश के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है.

ब्रूसीलोसिस के लक्षण (Symptoms of Brucellosis)
ब्रूसीलोसिस के लक्षणों में बुखार, जोड़ों में दर्द, थकान, भूख न लगना, सिरदर्द, पसीना आदि शामिल हैं. ब्रूसीलोसिस से संक्रमित व्यक्ति में इसके लक्षण संक्रमण के चपेट में आने के कुछ दिनों या हफ्तों में दिखाई देने लगते हैं. यौन संपर्क, माता के बच्चे को स्तनपान कराने से भी यह बीमारी एक से दूसरे में फैल सकती है. यही नहीं अगर किसी व्यक्ति की त्वचा पर कोई कट है या चोट लगी है तो इससे भी इस रोग का शिकार हो सकते हैं.