नई दिल्ली: नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा होती है. मां चंद्रघंटा को लाल फूल, लाल चुनरी, लाल फल जैसे कि अनार, सेब आदि चढ़ाया जाता है. मां चंद्रघंटा की पूजा करने वाले जातक को भय से मुक्ति मिलती है और अपार साहस प्राप्त होता है. Also Read - Achala Saptami 2020: रथ सप्तमी व्रत कथा, ऐसे करें अर्घ्‍यदान, सूर्योदय से सूर्यास्‍त के बीच करें ये काम

मां चंद्रघंटा घंटों की नाद से दुष्टों का संहार करती हैं, इसलिए इनकी पूजा में घंटा बजाने का खास महत्व है. वास्तुशास्त्र में भी पूजा के दौरान घंटा बजाने का महत्व बताया जाता है. ऐसी मान्यता है कि पूजा के दौरान घंटा बजाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख सम्पन्नता आती है. Also Read - Ratha Saptami 2020: रथ सप्तमी का महत्‍व, कैसे करें सूर्यदेव का पूजन

पूजा का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के तीसरे दिन अश्विनी (मूल) नक्षत्र है. आज सुबह 10.30 से दोपहर 1.30 और 3.00 से 4.30 बजे तक मां दुर्गा की पूजा का सबसे शुभ समय है. Also Read - Pushya Nakshatra 2018: 30 साल बाद आज बन रहा है पुष्य नक्षत्र का संयोग, करें ये एक काम, बढ़ेगी सुख-समृद्धि

नवरात्रि में धूप और दीप जरूर जलाएं
भारत में मनाए जाने वाले हर त्योहार का धार्मिक महत्व होने के साथ वैज्ञानिक महत्व भी होता है. दरअसल, नवरात्रि साल में दो बार ऐसे समय मनाया जाता है, जब मौसम में बदलाव हो रहा होता है. ऐसे में माना जाता है कि वातावरण को शुद्ध बनाने के लिए शास्त्रोक्त गुग्गुल, लोहबान, कपूर, देशी घी आदि के धुएं का प्रयोग किया जाना चाहिए. वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी यही कहता है कि मौसम में बदलाव के समय वातावरण में कई प्रकार के जीवाणु और विषाणु पनप रहे होते हैं. ऐसे में कपूर, देशी घी, लोहबान आदि के औषधीय धुएं से इनका नाश होता है. अगर संभव हो तो इस समय गाय के गोबर के बने उपलों का प्रयोग करना चाहिए.

इस मंत्र का जाप होगा शुभ
इस मंत्र का जाप भी होता है शुभकारी:
ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

जानिये नवरात्र‍ि में मां के अलग-अलग रूपों के लिए किन नौ मंत्रों का किया जाता है जाप.

1 दिन: मां शैलपुत्री

ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥

2 दिन: मां ब्रह्मचारिणी

ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

3 दिन: मां चंद्रघंटा

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

4 दिन: मां कुष्‍मांडा

ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

5 दिन: मां स्‍कंदमाता

ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

6 दिन: मां कत्‍यायनी

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

7 दिन: मां कालरात्री

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

8 दिन: मां महागौरी

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

9 दिन : मां सिद्ध‍िदात्री

ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥