Chhath Puja 2018 का महापर्व शुरू होने वाला है. भगवान सूर्य की उपासना और 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखती है महिलाएं. इस दौरान साज-श्रृंगार का खास महत्व है.

महिलाएं सुहागिन के तौर पर सजती-संवरती हैं. पूरा श्रृंगार करती हैं. पर इस पर्व की सबसे खास बात दिखती है लंबा सिंदूर.

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हर साल छठ पर्व की तस्वीरों में ऐसी लाखों सुहागिनों की तस्वीरें आती हैं जो लंबा सिंदूर लगाए दिखती हैं. ये सिंदूर नाक से आरंभ होकर माथे की मांग के अंतिम छोर तक भरा होता है.

सबसे कठिन व्रत
दरअसल, छठ पर्व दुनिया के सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है. इसमें महिलाएं अपने सुहाग और पुत्र, कुल की रक्षा के लिए भगवान सूर्य का 36 घंटे लंबा निर्जला व्रत रखती हैं.

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फोटो साभार: IANS

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लंबा सिंदूर क्यों 
ये व्रत सुहाग की रक्षा के लिए होता है. चूंकि सिंदूर को सुहाग की निशानी माना जाता है, शादी के समय भी वर, वधू की मांग में सिंदूर भरता है. इसलिए सिंदूर को सुहाग व सौभाग्य की निशानी माना जाता है.

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जहां तक छठ पर्व की बात है तो इसमें लंबा सिंदूर लगाने के पीछे कई मान्यताएं हैं. एक मान्यता कहती है कि अगर स्त्री, मांग के सिंदूर को बालों में छिपाती है तो उसका पति समाज में छिप जाता है. यानी उसकी उन्नति के मार्ग बाधित होते हैं. पति का सम्मान कम होता है. इसलिए यह कहा जाता है कि सिंदूर लंबा हो. ऐसे लगाया जाए जिससे वो सभी को दिखे. एक अन्य मान्यता है कि जितना लंबा सिंदूर होता है, पति की उम्र भी उतनी ही लंबी होती है.

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छठ पर्व
इस बार छठ पूजा नहाय खाय 11 नवंबर से शुरू है. इसके बाद 12 नवंबर को खरना, 13 नवंबर को सांझ का अर्ध्य और 14 नवंबर को सूर्य को सुबह का अर्ध्य के साथ ये त्योहार संपन्न होगा.

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