नई दिल्‍ली: अगर आपको लगता है कि इंसान, जानवरों से ज्‍यादा साफ-सुथरे हैं तो आपको अपनी राय बदलनी पड़ सकती है. एक नए शोध में ये बात सामने आई है कि इंसान का बिस्‍तर, चिंपाजी के बिस्‍तर से भी गंदा होता है. Also Read - मनुष्य के कारण धरती से 1700 जीव प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा: स्‍टडी

शोध में कहा गया है कि इंसान के बिस्‍तर में जितने जीवाणु होते हैं, उतने तो किसी जानवर के बिस्‍तर पर भी नहीं होते. Also Read - भारत में लोगों में कैल्शियम की भारी कमी, जानें क्‍या है वजह...

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ये शोध अमेरिका के केरोलीना स्‍टेट यूनिवर्सिटी में किया गया था. शोध के प्रमुख लेखक और केरोलीना स्टेट यूनिवर्सिटी के डॉक्‍टरल प्रोग्राम के छात्र मेगन थोएम्मेस ने कहा, ‘इंसान के अपने शरीर के करीब 35 फीसदी जीवाणु उसके बिस्तर में होते हैं. जिनमें मल के अलावा मुंह और त्वचा के जीवाणु शामिल हैं’.

शोधार्थियों ने कहा है कि इंसान से ठीक उलट चिंपाजी रोज अपना बिस्तर लगाता है. इसके बिस्‍तर में सूक्ष्म जीवों की विविधता होती है जोकि वृक्षों व पौधों के वातावरण का द्योतक होती है.

शोध की रिपोर्ट को रॉयल सोसायटी ओपन साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है. बता दें कि इस शोध के लिए तंजानिया में चिंपाजी के 41 बिस्तरों के नमूने इकट्ठे किए गए थे.