जोधपुर के एम्स में भर्ती एक महिला व एक पुरुष की क्रीमियन-कांगो हैमोरेजिक फीवर (सीसीएचएफ) नामक बुखार से मौत हो गई है.

इसके बाद से क्षेत्र में हर कोई ये बात कर रहा है कि ये बुखार है क्‍या. आखिर होता कैसे है, लक्षण क्‍या हैं.

डॉक्‍टर्स कह रहे हैं कि ये फीवर एक पशु से फैलने वाली बीमारी है. अगर किसी को बुखार, उल्टी, दस्त और गर्दन में दर्द के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत किसी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.

कांगो फीवर
कांगो फीवर जानलेवा साबित हो सकता है. इस वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित 30 से 80 फीसदी मामलों में रोगी की मौत हो जाती है.

यह बीमारी पशुओं में पाए जाने वाले पैरासाइट ‘हिमोरल’ के जरिए इंसानों में फैलती है. कांगों फीवर के अधिकतर मामले पश्चिमी और पूर्वी अफ्रीका में पाए जाते हैं. पिस्सू के जरिए यह बीमारी जानवरों से फैलती है.

अब राजस्‍थान में इस फीवर की वजह से दो लोगों की मौत की खबर आई है.

क्‍या हैं लक्षण
इसमें बॉडी से खून आने लगता है. कई महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं. मसल्स में दर्द के साथ तेज बुखार आता है. सिर दर्द, चक्कर आना, रोशनी से चिड़चिड़हट और आंखों से पानी आना, जलन होने की समस्या होती है. रोगी को उल्टी, गले में खराश और पीठ में दर्द की भी समस्या होती है. इस बुखार में डेंगू की ही तरह प्लेटलेट्स काउंट तेजी से गिरते हैं.