Contraceptives For Females: शादीशुदा जोड़ों के लिए सबसे मुश्किल समय वो होता है जब उन्हें पता चलता है कि महिला साथी प्रेग्नेंट है, और ये अनचाहा गर्भ है. ऐसा होना आम बात है. डॉक्टर्स भी यही कहते हैं. इसलिए जरूरी है कि आप किसी ऐसे गर्भनिरोधक का चुनाव करें, जिससे इस तरह की चिंता आपको ना हो. Also Read - Contraceptives: ऐसे गर्भनिरोधक जिन्‍हें सबसे ज्‍यादा लोग करते हैं इस्‍तेमाल, बेहद असरदार, आप भी किसी एक को चुनें

बाजार में कई तरह के गर्भनिरोधक मौजूद हैं. बर्थ कंट्रोल या कॉन्ट्रासेप्शन को आमतौर पर दो हिस्सों में बांटा जाता है- रिवर्सिबल और इररिवर्सिबल या परमानेंट मेथड. Also Read - प्राकृतिक गर्भनिरोधक भी हो सकता है नीम! जानें कैसे करें इस्‍तेमाल....

रिवर्सिबल मेथड्स में बैरियड मैथड, इंट्रायूटेराइन डिवाइस और हार्मोनल मेथड आते हैं. जबकि परमानेंट मेथड को फिर से रिवर्स नहीं किया जा सकता यानी इसमें महिला या पुरुष के ऑपरेशन शामिल होते हैं.

बैरियर मैथड के जरिए स्पर्म को एग तक पहुंचने से रोका जाता है. इसके लिए या तो बैरियर बनाया जाता है या फिर स्पर्म का एग तक प्रवाह रोका जाता है. इसके तहत कंडोम्स का उदाहरण है.

अगला है गर्भनिरोधक दवाएं. जो काफी लोकप्रिय हैं. ये हार्मोनल गर्भ निरोधक दवाएं होती हैं. गोलियां गर्भावस्था को रोकने के लिए हार्मोन का उपयोग करती हैं. पिल्‍स एग्‍स के निर्माण को रोकती है.

आजकल महिलाएं जिसे सबसे ज्यादा प्रेफर कर रही हैं वो है इंट्रा यूटेराइन डिवाइस. T आकार वाली डिवाइस. इसे ही आम बोलचाल में कॉपर-टी कहा जाता है. महिला की कोख में फिट किया जाता है.

हार्मोनल इंजेक्शन ले सकती हैं. इसे डेपो प्रोवेरा इंजेक्शन कहा जाता है. तीन महीने में एक बार लेना होता है.

इमरजेंसी गर्भ निरोधक भी बाजार में मौजूद हैं. पर इनका अधिक प्रयोग करने से डॉक्टर मना करते हैं. नियमित रूप से और लंबे समय तक इन्हें लिया जाए तो इससे कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं.