Coronavirus Lockdown: कोरोनावायरस प्रकोप के कारण हुए देशव्यापी बंद के मद्देनजर दुकानों की अलमारियों से जरूरी वस्तुएं जिस तरह गायब हुई हैं, उससे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. Also Read - Corona Cases in UP: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से और 312 मरीजों की मौत, 15,747 नये मामले

सोमवार को एक सर्वेक्षण में पता चला है कि 31.4 प्रतिशत भारतीयों ने आश्चर्यजनक रूप से खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही तीन सप्ताह से अधिक समय तक के लिए राशन और दवाइयां जमा कर ली हैं. Also Read - Viral Video:'लव यू जिंदगी' सुनते-सुनते कोरोना से हार गई ये युवा मां, हजारों दुआओं...

कोरोनोवायरस के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च को ऐतिहासिक 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया था. इस घोषणा ने लोगों को चौंका दिया और उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की बड़े पैमाने पर जमाखोरी कर ली. Also Read - Kerala Lockdown Extension News: केरल में फिर बढ़ा लॉकडाउन, अब 23 मई तक तालाबंदी

आईएएनएस सी-वोटर गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन कोरोना ट्रैकर द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पिछले एक सप्ताह के दौरान भारतीयों से एक सवाल पूछा गया. सवाल था कि, आपके घर में कितने दिनों का राशन या दवा या कितने दिनों के राशन या दवा के लिए पैसा उपलब्ध है?

सर्वेक्षण में पता चला कि 68.7 प्रतिशत लोगों ने तीन सप्ताह से कम समय के लिए किराने का सामान और दवाओं का स्टॉक किया, जबकि 31.4 प्रतिशत ने तीन सप्ताह से अधिक समय के लिए सामान जमा किया है.

इस सर्वे में बताया गया कि 12.2 प्रतिशत भारतीयों के पास एक सप्ताह से भी कम समय के लिए आवश्यक वस्तुएं हैं. वहीं 37.3 और 19.2 प्रतिशत लोगों के पास क्रमश: एक और दो सप्ताह के लिए आवश्यक सामान हैं.

जिन लोगों ने तीन सप्ताह और एक महीने के लिए सामान इकट्ठा किए हैं उनका प्रतिशत 6.2 और 15.6 है.

केवल 9.6 प्रतिशत भारतीयों ने एक महीने से अधिक का राशन और दवाइयां संग्रहित करके रखी हैं.

कोरोनोवायरस फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है, ऐसे में लोग आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक करने के लिए दहशत में दुकानों पर पहुंच रहे हैं, जिससे सोशल डिस्टेसिंग के पालन में व्यावधान हो रहा है. वहीं कुछ लोगों को सामान न मिलने पर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.
(एजेंसी से इनपुट)