Covid-19 Risk Factor: कोरोनावायरस का खतरा अभी टला नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि देश में दूसरी लहर के बाद अब कभी भी तीसरी लहर आ सकती है. ऐसे में बुजुर्गों और मधुमेह के मरीजों को खास तौर पर सावधान रहने की सलाह दी जाती है. आखिर ऐसा क्यों हैं, कि ये लोग दूसरों के मुकाबले इन्फेक्टिड होने के ज्यादा खतरे में हैं…Also Read - Artificial Intelligence: कोविड उपचार में कैसे मदद कर सकता है एआई उपकरण, जानें

शोधकतार्ओं के मुताबिक, कम माइक्रो आरएनए इम्युनिटी होने से वृद्ध, युवाओं और मधुमेह वाले लोगों में कोविड -19 संक्रमण का खतरा अधिक होता है. माइक्रो आरएनए जीन अभिव्यक्ति नियामकों का एक प्रमुख वर्ग है, जो सूजन और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. Also Read - Coronavirus cases In India: फिर 30 हजार के पार पहुंचा कोरोना केस, एक दिन में इतने लोगों की मौत

चीन में नानजिंग विश्वविद्यालय के शोधकतार्ओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन ने चार परिसंचारी मिरनस की पहचान की, जो स्वस्थ लोगों में उच्च और बहुत कम हैं. वृद्ध लोगों और मधुमेह रोगियों में इसकी बहुतायत होती है. Also Read - CoronaVirus In India: आखिर हमें कबतक पहनना होगा मास्क? जानिए डॉक्टर वीके पॉल का जवाब

यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के चेन-यू झांग ने कहा कि ये मिरनस सीधे एस प्रोटीन को लक्षित करके सार्स-कोविड-2 प्रतिकृति को प्रभावी ढंग से रोक सकते हैं.

शोधकतार्ओं ने कहा कि युवा लोगों के इन मिरनस वाले सीरम एक्सोसोम सार्स-कोविड-2 प्रतिकृति को दृढ़ता से रोक सकते हैं, लेकिन वृद्ध लोगों और मधुमेह के रोगियों में यह निरोधात्मक प्रभाव कम है.

सार्स-कोविड-2 वायरस से बेहतर सुरक्षा प्रदान करने वाले रक्त में इन मिरनस के स्तर को बढ़ाने के लिए लंबे समय तक कम करता है.

अध्ययन एक दिलचस्प अवलोकन भी प्रदान करता है कि निरंतर शारीरिक व्यायाम सार्स-कोविड-2 के खिलाफ मिरनस प्रतिरक्षा को बढ़ा सकता है, जो आपको काम के बाद जिम जाने का एक और कारण देता है. इसलिए हर दिन वर्कआउट करने से हम सभी, बूढ़े या युवा को कोविड -19 से बचाने में मदद मिलेगी.

इसके अलावा, सिग्नल ट्रांसडक्शन एंड टागेर्टेड थेरेपी जर्नल में विस्तृत निष्कर्ष यह भी पहली बार प्रदर्शित करते हैं कि हमारे अपने अंतर्जात मिरनस सीधे सार्स-कोविड-2वायरस को रोक सकते हैं.

झांग ने कहा,विषय के नेतृत्व में पिछले अध्ययनों से पता चला है कि लगभग 89 प्रतिशत वायरस जो मनुष्यों को संक्रमित करते हैं, उन्हें मानव मिरनस द्वारा लक्षित किया जा सकता है.

नया अध्ययन इस सिद्धांत का समर्थन करने वाले मजबूत और प्रत्यक्ष प्रमाण प्रदान करता है कि मिरनस, विशेष रूप से बाह्य मिरनस, आरएनए रक्षा के रूप में कार्य कर सकते हैं और विदेशी न्यूक्लिक एसिड के खिलाफ कोशिकाओं की रक्षा कर सकते हैं.

अध्ययन से संकेत मिलता है कि मिरनस वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए अंतर्जात आरएनए-आधारित प्रतिरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण घटक है. झांग ने कहा कि मिरनस फंक्शन की यह नई समझ कोविड -19 की रोकथाम, निगरानी और उपचार के लिए नए दृष्टिकोण प्रदान कर सकती है.
(एजेंसी से इनपुट)