नई दिल्ली: बरसात के दिनों में डेंगू होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. डेंगू रका मच्छक साफ पानी में रहता है और इसके काटने से व्यक्ति को बुखार आता है जिससे प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं. डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है. इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं. ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं. डेंगू बरसात के मौसम और उसके फौरन बाद के महीनों यानी जुलाई से अक्टूबर में सबसे ज्यादा फैलता है. Also Read - यूपी: भदोही में डेंगू की चपेट में आए सरकारी डॉक्टर समेत दो लोगों की मौत, 12 और पीड़ित

डेंगू बुखार के लक्षण
– ठंड लगना और तेज बुखार आना.
– मांसपेशियों और शरीर के सभी जोड़ों में दर्द होना.
– आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना.
– कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना. Also Read - Asians, Europeans genetically prone to severe dengue: study | एशिया के लोगों में डेंगू होने का खतरा ज्यादा

डेंगू बुखार से बचने के नैचुरल उपाय Also Read - 1105 cases of Dengue reported in Uttar Pradesh | उत्तर प्रदेश में तेज़ी से फैल रहा है डेंगू, अब तक सामने आए 1105 मामले

मेथी- मेथी से स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे मिलते हैं. डेंगू बुखार में यह काफी फायदेमंद साबित होता है. मेथी को रातभर पानी में भिगो कर रखें और सुबह इसे छान कर पी लें.

नारियल पानी- डेंगू बुखार में शरीर में पानी की कमी होने लगती है. ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नारियल पानी आपकी मदद कर सकता है.

पपीते के पत्ते- पपीते के पत्ते बहुत लंबे समय से डेंगू के इलाज के लिए एक लोकप्रिय उपाय है. यह रोगियों में डेंगू के लक्षणों से राहत और प्रतिरक्षा को बढ़ाकर डेंगू के उपचार में मदद कर सकता है.

नीम के पत्ते- नीम के पत्तों में जादुई मेडिकल गुण होते हैं. ये शरीर में वायरस के विकास और प्रसार को बाधित करने में बड़ा योगदान दे सकते हैं. यह प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वेत रक्त कोशिका प्लेटलेट्स और रक्त प्लेटलेट काउंट को भी बढ़ाने में मदद कर सकता है.