‘देवभूमि’ उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में जब कोई एक सुरम्य स्थल धनौल्‍टी पहुंचता है, तो वह वहां देवदार के पेड़ों के माध्यम से ताजी हवा महसूस करता है. इस हवा में मिट्टी, लकड़ी की सुगंध और आस-पास के वातावरण की महक मिली होती है. Also Read - उत्तराखंड में भाजपा विधायक के बिगड़े बोल, मुस्लिमों को बताया 'देशद्रोही', पार्टी ने जारी किया नोटिस

तब आप महसूस करते हैं कि आप भीड़-भाड़ वाले शहर की हलचल को पीछे छोड़ आए हैं और आनंद का अनुभव कर रहे हैं. Also Read - भारत-पाकिस्तान विभाजन पर फिल्‍म बनाने जा रहे राजकुमार संतोषी, यहां करेंगे शूटिंग

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पहाड़ों की रानी के नाम से चर्चित ‘मसूरी’ में अधिक भीड़ होने के कारण, यह अपना आकर्षण खोने लगी है और लोग अब अन्य विकल्पों को तलाश रहे हैं.

बर्सन ब्रीज होटल के मालिक अनिल कुमार कहते हैं, “यदि कोई प्रकृति को सबसे बेहतर रूप से मेहसूस करना चाहता है, ताजी हवा का अनुभव करना चाहता है, हिमालय से सीधे आने वाले खनिज पानी को पीने की इच्छा अगर उसे है, तो धनौल्‍टी ही वह स्थान है जिसकी उसे तलाश है.”

अनिल ने कहा, “लेकिन, इसे वरदान कहें या श्राप, धनौल्‍टी का तेजी से व्यवसायीकरण हो रहा है और हम पहले की तुलना में यहां बहुत अधिक पर्यटकों को देख रहे हैं.”

कुमार खुद दिल्ली से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी के शोर और प्रदूषण से बचना चाहते हैं और इसलिए उन्होंने यहां एक लॉज बनाया, जहां से बर्फ की चादर से ढकी हिमालय की श्रृंखला देखी जा सकती है.

कुमार ने कहा, “पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए, हमने अपने बगीचों में फूलगोभी, आलू और मूली उगाई हैं और उन्हें अपने रेस्तरां में ताजा उपयोग करते हैं.”