किसी जादू से कम नहीं है रेगिस्तान में मिलने वाला 'तुंबा', बढ़े Sugar लेवल को मिनटों में कर लेता है काबू

आपने बहुत से फल और जड़ी बूटियों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या कभी आपने तुंबा के बारे में सुना है? ये जंगली फल है जिसे ब्लड शुगर को काबू में करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Published date india.com Published: February 21, 2025 2:19 PM IST
किसी जादू से कम नहीं है रेगिस्तान में मिलने वाला 'तुंबा', बढ़े Sugar लेवल को मिनटों में कर लेता है काबू

Tumba Fruit To Reduce High Blood Sugar: डायबिटीज एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. इससे पीड़ित लोग तेजी से बढ़ रहे हैं. हालांकि सही लाइफस्टाइल और खानपान से इसे काबू में रखा जा सकता है. कुछ घरेलू उपचार भी हैं, जिनकी मदद से इन्हें कंट्रोल में रखा जा सकता है. ऐसे कई खरपतवार और जंगली फल हैं जिनके औषधीय गुणों के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है. इन्हीं में से एक फल है तुंबा, ये रेगिस्तान और रेतीले जंगलों में पाया जाता है.

तुंबा दिखने में गोल आकार का होता है, लेकिन इसका स्वाद ब्लिकुल खीरे जैसा होता है. इस फल में पानी की अच्छी मात्रा होती है. इस फल का उपयोग रेगिस्तान में रहने वाले जानवरों की प्यास बुझाने के लिए किया जाता है. साथ ही साथ इस फल का उपयोग मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए भी किया जाता है. इस फल के सेवन से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध क्षमता बढ़ती है. हालांकि किसान इसे बेकार समझकर खेतों से उखाड़कर फेंक देते हैं. आइए जानते हैं कि तुंबा का उपयोग शुगर लेवल को नियंत्रित करने में कैसे किया जाता है और इस फल के अन्य फायदे क्या हैं.

फार्मास्युटिकल एंड केमिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, तुंबा फल मधुमेह को नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका निभाता है. इस फल को खाने से इंसुलिन बढ़ता है. तुंबा फल, जड़, पत्तियां और बीज का उपयोग कई दवाओं में किया जाता है.

  • तुंबा मधुमेह को नियंत्रित करने में कारगर है-

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वैद्य जगदीश सुमन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, इसमें वो बताते नजर आ रहे हैं कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सोंठ और तुंबा को बराबर मात्रा में मिला लें. दोनों चीजों को मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लीजिए. अब हथेली पर थोड़ा सा पाउडर लें और पानी मिलाकर पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को अपनी नाभि पर लगाएं. आप इसे किसी भी समय लगा सकते हैं. इस पेस्ट को नाभि पर करीब 8 से 10 घंटे के लिए लगाएं. इससे मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है.

  • तुंबा का औषधीय महत्व क्या है?

तुंबा का प्रयोग कई रोगों में औषधि के रूप में किया जाता है. लोगों का कहना है कि तुंबा को सुखाकर, पीसकर और फिर उसका पाउडर बनाकर उपयोग किया जाता है. तुंबा चूर्ण का सेवन करने से कब्ज दूर हो जाती है. इसके सेवन से न सिर्फ डायबिटीज बल्कि पीलिया जैसी बीमारी भी ठीक हो जाती है. तुंबा चूर्ण का सेवन करने से मानसिक तनाव और मूत्र संबंधी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं. तुंबा से आयुर्वेदिक औषधियां बनाई जाती हैं और ट्यूमर, पित्त, पेट के रोग, कफ, कुष्ठ रोग और बुखार के लिए रेचक के रूप में उपयोग की जाती हैं.

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Lifestyle की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.