नई दिल्ली: दिवाली भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. दिवाली को भारत के सभी राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है. लोग कई हफ्ते पहले से ही दिवाली की शॉपिंग करनी शुरू कर देते हैं. ऐसे में यह त्योहार रंग, रोशनी और मिठाईयों से भरा होता है. इस दिन घरों में लाइटें लगाई जाती हैं लझ्मी पूजा के बाद दीए जलाए जाते हैं रंगोली बनाई जाती हैं और एक-दूसरे को मिठाईयां खिलाई जाती हैं. ऐसे में कुछ लोग इस दौरान पटाखे भी जलाते हैं. वैसे तो बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए पिछले कई सालों से पटाखे न जलाने की अपील की जा रही है, बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग दिवाली पर पटाखे जलाते हैं. हर साल कई खबरे आती हैं जिसमें लोगों के हाथ जलने की खबरें आती हैं. ऐसा केवल लापरवाही के चलते होता है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप इनसे राहत पा सकते हैं आइए जानते हैं इनके बारे में- Also Read - Remedies For Cough: सर्दियों में छाती में जम गया है कफ, तो आजमाएं ये आसान तरीके

शहद- शहद की एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी हीलिंग यानी जलन के ठीक होने की प्रक्रिया को तेज करता है. आप चाहें तो जलन से प्रभावित स्किन पर सीधे शहद लगा सकते हैं. यह हल्की जलन की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. Also Read - Body Pain Home Remedies: सर्दियां आते ही शुरू हो जाता है बदन दर्द? तो अपनाएं ये घरेलू उपाय

खीरा-जलन वाले हिस्से में खीरा लगाने से ठंडक पहुंचती है. इसके लिए खीरे को अच्छी तरह से मैश करके उसका गूदा बना लें और यदि संभव हो तो फ्रिज में रखा हुआ खीरा यूज करें. इसस जली हुई जगह पर तुरंत राहत मिलती है. Also Read - Beauty Tips: गर्दन पर पड़ने वाली झाइयों को इस तरह करें जड़ से खत्म, अपनाएं ये तरीके

एलोवेरा – एलोवेरा में भी एंटी-इन्फ्लेमेटरी और ऐंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती है और प्रभावित हिस्से में किसी भी तरह के बैक्टीरियल इंफेक्शन को होने से रोकती है. एलोवेरा को जलन वाले हिस्से पर लगाने से यह घाव भरने में मदद करता है.

आलू- आलू में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती है जो जलन की अनुभूति को कम करके प्रभावित हिस्से पर ठंडक दिलाने में मदद करता है. इसके लिए आलू को बीच से काटें और जलने वाले हिस्से पर हल्के हाथों से रगड़ें.