क्या बढ़ता पॉल्यूशन बन रहा है Hair Fall की सबसे बड़ी वजह? डॉक्टर से जानें कैसे करें बचाव

बढ़ते पॉल्यूशन का असर सिर्फ आपकी त्वचा नहीं, बल्कि बालों पर भी तेजी से पड़ता है. हवा में मौजूद धूल, स्मॉग और केमिकल्स स्कैल्प को कमजोर करते हैं और हेयर फॉल अचानक बढ़ जाता है.

Published date india.com Published: December 2, 2025 7:42 AM IST
क्या बढ़ता पॉल्यूशन बन रहा है Hair Fall की सबसे बड़ी वजह? डॉक्टर से जानें कैसे करें बचाव

ये बात तो आपने अक्सर सुनी होगी कि प्रदूषण का असर हमारी सेहत पर पड़ता है, लेकिन क्या आपको पता है ये आपके बालों को भी नुकसान पहुंचाता है? जी हां डॉ. शेफाली मल्हावत (विभाग त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी), NIIMS मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल) ने बताया कि आजकल बढ़ता हुआ पॉल्यूशन (प्रदूषण) हमारी सेहत के साथ-साथ हमारे बालों पर भी बुरा असर डाल रहा है. हवा में मौजूद धूल, धुआं, जहरीली गैसें और स्मॉग हमारे स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे बाल तेजी से झड़ने लगते हैं.

प्रदूषण बालों की जड़ों को कर देता है कमजोर-

डॉ. शेफाली ने बाताया कि प्रदूषण बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है क्योंकि हवा में मौजूद माइक्रो-पार्टिकल्स स्कैल्प पर जमा होकर पोर्स को बंद कर देते हैं. इससे बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता और बाल टूटने लगते हैं. प्रदूषण में मौजूद केमिकल स्कैल्प की नमी छीन लेते हैं, जिससे खोपड़ी ड्राई, खुजली वाली और इंफ्लेम्ड हो जाती है. यह स्थिति बालों के जल्दी टूटने और पतले होने का कारण बनती है. इसके अलावा, प्रदूषण के चलते शरीर में फ्री रैडिकल्स बढ़ जाते हैं, जो बालों की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाकर हेयर फॉल को और तेज़ कर देते हैं. कई बार स्कैल्प पर जमा गंदगी और बैक्टीरिया से इंफेक्शन भी हो सकता है, जिससे डैंड्रफ, फंगल इंफेक्शन और सीबम असंतुलन बढ़ जाता है.

इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा-

सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो इंडस्ट्रियल क्षेत्रों या हाई-ट्रैफिक जोन्स में रहते हैं, क्योंकि उन्हें धूल और प्रदूषण का लगातार सामना करना पड़ता है, जो लोग ज्यादा समय बाहर रहते हैं, जैसे स्टूडेंट्स, ऑफिस जाने वाले लोग, डिलीवरी बॉय या ट्रैफिक पुलिस, उनमें बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ सकती है, जिन लोगों की स्कैल्प पहले से संवेदनशील होती है, जैसे ड्राई स्कैल्प, डैंड्रफ या एलर्जी, उनमें प्रदूषण का असर और ज्यादा दिखाई देता है. इसके अलावा, जिन लोगों में तनाव, हार्मोनल बदलाव या विटामिन की कमी होती है, वे भी प्रदूषण के कारण हेयर फॉल के अधिक शिकार बनते हैं.

इन बातों पर दें ध्यान-

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बालों को प्रदूषण के असर से बचाने के लिए नियमित देखभाल सबसे जरूरी है. हफ्ते में 2–3 बार माइल्ड शैम्पू से बाल धोने से स्कैल्प पर जमा धूल साफ हो जाती है. बाहर जाते समय कैप या स्कार्फ पहनना बालों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. हेयर सीरम या लीव-इन प्रोटेक्टर का उपयोग करने से बालों पर एक सुरक्षा लेयर बनती है जो पॉल्यूशन से बचाती है. नियमित ऑयलिंग, एंटी-पॉल्यूशन हेयर मास्क, और संतुलित आहार—इन सभी से बालों की मजबूती वापस आती है. खाने में प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल, दालें और पानी की पर्याप्त मात्रा शामिल करना बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है. हालांकि, अगर हेयर फॉल ज्यादा बढ़ जाए तो डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलकर PRP या मेसोथेरैपी जैसे ट्रीटमेंट करवाए जा सकते हैं. इन सबके बीच सबसे जरूरी है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या ट्रीटमेंट न अपनाएं. बढ़ता प्रदूषण हमारे बालों का बड़ा दुश्मन बन चुका है, लेकिन सही देखभाल, स्कैल्प हाइजीन और पौष्टिक आहार अपनाकर इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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