E-cigarettes: निकोटीन युक्त ई-सिगरेट के उपयोग से ब्लड क्लॉटिंग होने की संभावना रहती है. ये बात एक नए शोध में सामने आई है. यही नहीं, इसके कारण ब्लड वेसल में विस्तार और ब्लड विस्तार करने की क्षमता में गिरावट आती है, साथ ही हृदय गति और ब्लड प्रेशर में वृद्धि होती है.Also Read - Blood Clotting In Covid-19: आखिर क्यों कोविड में बनता है रक्त का थक्का, शोध में सामने आई ये बात

निकोटीन शरीर में एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन के स्तर को बढ़ाने के लिए जाना जाता है,जो ब्लड क्लॉटिंग को बढ़ाता है. Also Read - World Hypertension Day 2021 Home Remedies: हाइपरटेंशन की समस्या से बचने के लिए रोजाना जरूर करें इन घरेलू चीजों का सेवन

स्वीडन के स्टॉकहोम में करोलिंस्का इंस्टीट्यूट के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में 18 से 45 वर्ष की आयु के 22 महिलाओं और पुरुषों के एक समूह का विश्लेषण किया गया था. Also Read - ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका टीका लगवाने के बाद 30 लोगों में जमे खून के थक्के, लेकिन खतरे से ज्यादा हैं फायदे

निष्कर्षों से पता चला कि निकोटीन युक्त ई-सिगरेट का उपयोग करने से तत्काल अल्पकालिक परिवर्तन हुए. टीम ने 15 मिनट के बाद ब्लड क्लॉटिंग का औसतन 23 प्रतिशत की वृद्धि का पता लगाया, जो 60 मिनट के बाद सामान्य स्तर पर लौट आया.

हेलसिंगबर्ग अस्पताल के एक चिकित्सक और संस्थान के शोधकर्ता गुस्ताफ लियटिनन ने कहा, निकोटीन युक्त ई-सिगरेट का उपयोग करने से शरीर पर पारंपरिक सिगरेट पीने के समान प्रभाव पड़ता है. रक्त के थक्कों पर यह प्रभाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम जानते हैं कि लंबे समय में यह ब्लड वेसल को बंद और संकुचित कर सकता है. यह निश्चित रूप से लोगों को दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे में डालता है.

शोधकर्ता ने कहा कि शरीर पर निकोटीन के प्रभाव सहित पारंपरिक सिगरेट पीने से होने वाले नुकसान सर्वविदित हैं.
(एजेंसी से इनपुट)