नई दिल्ली: पृथ्वी और वातावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 22 अप्रैल को अर्थ डे मनाया जाता है. इसे पहली बार 1970 में मनाया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक बनाना है. इसके बाद से ही इस दिन को लगभग 195 से ज्यादा देश Earth Day के रूप में मनाते हैं. Also Read - Earth Day 2020: सारा अली खान ने विश करते समय कर दिया एक 'ब्लंडर', ईशान खट्टर से भी हुई थी ये गलती

इस साल ये है थीम
हर साल इस दिन के लिए एक विशेष थीम रखी जाती है. इस साल पृथ्वी दिवस का थीम “Climate Action,” जिसका मतलब  ‘जलवायु कार्रवाई’ है. बता दें कि जलवाायु परिवर्तन पीछे कई सालों से चिंता का विषय बन गया है. समय-समय पर इसे लेकर देशों की मीटिंग्स भी होती रहती हैं. इस जलवायु परिवर्तन को कम करना बड़े-बड़ें देशों के लिए एक चुनौती बन गई है. बता दें कि पिछले साल 22 अप्रैल को अर्थ डे की थीम “Protect Our Species,” थी. Also Read - #विश्वपृथ्वीदिवस2020: पृथ्वी दिवस पर पीएम मोदी का संदेश- हम स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध धरती बनाएंगे

22 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है ‘अर्थ डे’
अर्थ डे वैसे तो किसी भी दिन मनाया जा सकता था , ल्किन इस दिन को मनाने के लिए 22 अप्रैल का ही दिन क्यों चुना गया? हम आपको बताते हैं- 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव हुआ. भारी बर्बादी हुई. इससे अमेरिकी गेलार्ड नेल्सन बेहद दुखी हुए. उन्होंने पर्यावरण को लेकर कुछ करने का फैसला किया. 22 जनवरी को समुद्र में तीन मिलियन गैलेन तेल रिसाव हुआ. इसमें 10,000 से भी ज्यादा समंदरी पक्षी, डाल्फिन, सील और सी-लायंस मारे गए मारे गए थे. इसके बाद 22 अप्रैल 1970 के दिन लगभग दो करोड़ अमेरिकी लोगों ने पृथ्वी दिवस के पहले आयोजन में भाग लिया था.