नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही सभी लोग आइसक्रीम खाना खूब पसंद करते हैं. लेकिन मौजूदा समय में कोविड-19 महामारी को देखते हुए सोशल मीडिया पर आइसक्रीम और कोल्‍ड ड्रिंक के जरिए कोरोना संक्रमण फैलने से संबंधित कई संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं. इसलिए लोगों ने इससे दूरी बना ली है. ऐसे में सरकार ने आइसक्रीम और कोल ड्रिंक्स को कोरोना वायरस के जोड़ने वाले दावों को खारिज कर दिया है. Also Read - Corona Pandemic: PM मोदी ने 4 राज्‍यों के मुख्यमंत्रियों से कोविड-19 की स्थिति पर की बात

पीआईबी ने एक ट्वीट करते हुए स्पष्ट किया, ‘विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने इस मिथक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. अभी तक इस बात के कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि पूरी साफ-सफाई के साथ बनाए गए फ्रोजन फूड और आइसक्रीम खाने से कोरोना वायरस फैलता है. दरअसल, किसी भी खाद्य पदार्थ से यह संक्रमण नहीं फैलता है, फिर चाहे वह गरम हो या ठंडा.’ पीआईबी ने ट्वीट में यह भी लिखा, दावा- आइसक्रीम और ठंडे ड्रिंक्स का सेवन करने से कोरोना वायरस फैलता है. सच्चाई- नहीं ..

आपको बता दें कि कोरोना महामारी के फैलने के बाद से ही इस तरह के गलत दावे किए जा रहे हैं. लोगों को अफवाहों से जागरूर और सूचित करने के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने एक पेज बनाया है. इस पेज का नाम ‘मिथ बस्टर्स’ है. WHO ने इससे पहले यह भी स्पष्ट किया था कि कोरोनोवायरस हाउसफ्लाइज के माध्यम से नहीं फैलता है और इसे सूरज की रोशनी या शरीर पर कीटाणुनाशक का छिड़काव करके ठीक नहीं किया जा सकता है.