नई दिल्ली: प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का बेहद ही अहम हिस्सा होती है. इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव देखे जाते हैं. प्रेग्नेंसी में महिलाओं के हार्मोन बदलते रहते हैं जिनसे उन्हें कभी कुछ खाने का मन करता है तो कभी कुछ. इस दौरान महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना होता है. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बीमारियों का भी काफी खतरा होता है. इस दौरान डायबिटीज की आशंका काफी बढ़ जाती है. ऐसे में जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान आलू का सेवन करती हैं उनके लिए खतरा काफी बढ़ जाता है. Also Read - Pregnancy Tips: मानसून के दौरान इन बातों का खास ख्याल रखें गर्भवती महिलाएं, नहीं होगी कोई परेशानी

एक अध्ययन से यह खुलासा हुआ है. शरीर में इंसुलिन नाम के हॉर्मोन के कम बनने से डायबिटीज होती है. इसमें सबसे आम है टाइप-2 डायबिटीज. उसके बाद है जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज). महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज के टाइप-2 डायबिटीज में बदलने का अंदेशा रहता है. डायबिटीज का मुख्य कारण इंसुलिन हार्मोन की कमी होना होता है. टाइप 2 डायबिटीज सबसे आम होता है. प्रेग्नेंसी के दौरान जो डायबिटिज होती है, उसे जेस्टेशनल डायबिटिज कहते हैं. यह डायबिटिज कुछ समय बाद टाइप 2 डायबिटीज में बदल जाती है. Also Read - डायबिटीज के मरीज रोजाना खाएं इन 5 तरह के आटों से बनी रोटियां, कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर

एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि महिलाओं को गर्भवस्था के दौरान आलू के सेवन से बचना चाहिए. आलू की जगह महिलाएं हरी सब्जियों का इस्तेमाल कर सकती हैं. हरी सब्जियां बच्चे के शारीरिक विकास के लिए काफी जरूरी होती हैं. Also Read - Yogasana: कई प्रयासों के बाद भी नहीं बन पा रही हैं मां? रोजाना करें ये 3 योगाासन