Eco Friendly Shoes: कोरोना के इस समय में देश-दुनिया में तरह तरह के प्रयोग हो रहे हैं. इसी कड़ी में इको- फ्रेंडली जूते लाने की तैयारी है. ये जूते पर्यावरण के लिए अच्छे होंगे, साथ ही नई तकनीक से युक्त भी.

कानपुर, उत्तर प्रदेश के केमिकल इंजीनियर राजेंद्र जालान ने इन्हें तैयार किया है. परंपरागत तौर पर बनने वाले जूतों से ये अलग होंगे. इनमें क्रोम युक्त चमड़ा और सिंथेटिक का प्रयोग नहीं किया जाएगा.

कैसे दिखेंगे ये जूते
इको फ्रेंडली जूतों में ऊपर का पूरा हिस्सा खादी के खास तरह के कपड़ों का है. जूते की सोल केरल के कार्क मिक्स रबर की है, तो पंजों और एड़ियों को आराम देने वाला सुख तल्ला लैटेक्स फोम का. जूते के पिछले हिस्से को सख्त बनाने के लिए जूट का प्रयोग किया गया है.

सिलाई नायलन की जगह खास तरह के बने मजबूत सूती धागों की है. यहां तक कि पैकिंग भी रिसाइकल्ड कागज के ऊपर प्राक्रतिक रंगों द्वारा छपाई करके विदेश में निर्यात किया जा रहा है. अन्य सामग्री भी इको फ्रेंडली हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया है.

कौन हैं राजेंद्र जालान
राजेंद्र जालान 1974 में एचबीटीआई से केमिकल इंजीनियरिंग करने के बाद से ही इस इंडस्ट्री में हैं. उनकी कानपुर के पनकी और कानपुर देहात में जूते की दो इकाईयां हैं. उनके जूतों का निर्यात अमेरिका, जर्मनी, स्पेन, आस्ट्रलिया, दक्षिण अमेरिका के देश और दक्षिण कोरिया में होता है.

हालांकि अभी इन जूतों की कीमत तय नहीं की गई है. पर निर्माताओं का कहना है कि वे इस बात की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ये आम लोगों की पहुंच में हो. इसकी कीमत 1 हजार से कम रखी जाए.
(एजेंसी से इनपुट)