आम का मौसम है. हर तरह के आम बाजार में बिक रहे हैं. लोग जमकर खरीद रहे हैं और खा रहे हैं.

पर ज्‍यादा आम खाने के क्‍या नुकसान हैं. क्‍या आपको आम लिमिट में खाना चाहिए? जवाब है हां.

अल्फांसो, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, तोतापुरी जैसे आमों को बिना कंट्रोल के खाना नुकसानदेह हो सकता है.

– आम को जल्दी पकाने के लिए कारोबारी उसमें कैल्‍शियम कार्बाइड मिला देते हैं. इस केमिकल से सेहत को कई तरह के नुकसान पहुंचते हैं. आप आम खाते हुए भले ही उसे पानी से धो लेते होंगे, लेकिन इतने भर से इस केमिकल का असर खत्म नहीं होता. इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा मात्रा में आम न खाएं.

– एक मध्‍यम आकार के आम में 135 कैलोरीज पाई जाती है. बहुत ज्‍यादा आम खाने से वजन बढ़ सकता है.

– आम के सिर के पास एक तरह का तरल पदार्थ निकलता है. अगर आप खाने से पहले इसे अच्छी तरीके से साफ नहीं करते, तो ये आपके गले में चला जाता है और परेशानी पैदा करता है. इससे खराश से लेकर गले में दर्द व सूजन तक भी हो सकती है.

-जैसा कि यहां पहले ही बताया गया है, आम की तासीर गर्म होती है. इसे ज्यादा खाने से लोगों के चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्से पर फोड़े-फुंसी या दाने निकल सकते हैं.

-ऐसे लोग जिन्‍हें गठिया और साइनस है उन्‍हें आम थोड़े कम खाने चाहिए. कच्‍चे या पके दोंनो ही तरह के आमों के सेवन से आपकी तकलीफ और ज्‍यादा बढ़ सकती है.

– आम में काफी मात्रा में नैचुरल शुहर होती है. वैसे तो नैचुरल शुगर शरीर के लिए अच्छी है लेकिन अगर आप ज्यादा मात्रा में आम खाते हैं तो इससे ब्लड शुगर काफी बढ़ सकता है. खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों को आम खाते हुए थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए.