नई दिल्‍ली: अक्‍सर हम सभी यही सोचते हैं कि बच्‍चों के लिए एक्‍स्‍ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज काफी फायदेमंद होती हैं. हम और स्‍कूल यही कोशिश भी करते हैं कि वे ज्‍यादा से ज्‍यादा एक्टिविटीज का हिस्‍सा बनें.

पर एक शोध में चौंकाने वाले तथ्‍य सामने आए हैं. शोध की रिपोर्ट को ‘स्‍पोर्ट, एजुकेशन एंड सोसायटी’ नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया है. इसमें कहा गया है कि कई सारी एक्‍स्‍ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के कारण बच्‍चों पर अतिरिक्‍त भार पड़ता है. इससे उन पर अच्‍छा असर पड़ने की बजाय उन्‍हें नुकसान पहुंचता है. स्‍टडी में कहा गया है कि इससे बच्‍चों के विकास और स्‍वास्‍थ्‍य प्रभावित होता है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्‍यादातर बच्‍चे (88 फीसदी) सप्‍ताह में चार से पांच बार एक्टिविटीज में भाग ले रहे थे. जबकि 58 प्रतिशत ऐसे थे जो शाम के समय एक अन्‍य एक्टिविटी का हिस्‍सा बन रहे थे.

ये शोध ब्रिटेन की एज हिल यूनिवर्सिटी ने किया है. लीड शोधकर्ता शेरॉन व्‍हीलर ने कहा, ‘आजकल अभिभावक अपने बच्‍चों को एक्टिविटीज करने की सभी सुविधाएं देते हैं, ऐसा वे खुद को अच्‍छे अभिभावक दिखाने के लिए करते हैं.’

शोध के लिए रिसर्चर्स ने 12 प्राइमरी स्‍कूलों में पढ़ रहे 50 बच्‍चों के परिवारों से बात की. शोधकर्ताओं ने रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि बच्‍चों के साथ आप जो समय बिता सकते हैं, उसमें अगर को-करिकुलर एक्टिविटी कराते हैं तो उन्‍हें फायदे से ज्‍यादा नुकसान होगा. उन्‍होंने पेरेंट्स से कहा कि वे अपने बच्‍चों को ज्‍यादा से ज्‍यादा समय दें.