जहां भी बात खाने की आती है भारतीयों का नाम उसमें सबसे पहले आता है. भारत के लोग खाने पीने के इतने शौकीन हैं कि वे अपनी पसंद के खाने के लिए कई किलोमीटर सफर भी कर सकते हैं. अब बात भारता की राजधानी दिल्ली की ही लीजिए. दिल्ली में अमूमन लोग ब्रेकफास्ट के रूप में छोले भठूरे खाना पसंद करते हैं. उनका सोतना है कि ब्रेकफास्ट एनर्जेटिक और दमदार होना चाहिए.

क्या आप जानते हैं लोग ब्रेकफास्ट के अलावा बाकी टाइम क्या काना पसंद करते हैं. चलिए हम आपको बताते हैं लोगों की वे खास पसंद जिन्हें खाने के लिए वे क्रेजी हैं.

छोले भठूरे
पंजाब का यह पसंदीदा फूड पंजाबियों के साथ दुनिया भर में फैल गया. जहां-जहां भी पंजाबी गए वे अपने साथ छोले भठूरे का स्‍वाद ले जाना नहीं भूले. एक समय था जब अमृतसर में लोग सुबह का नाश्‍ता बनाने की बजाए छोले भठूरे खाना ही पसंद करते थे. अब यही स्‍वाद दुनिया भर के सिर चढ़कर बोल रहा है. पंजाब के अलावा उत्तरी भारत में भी छोले भठूरे का क्रेज बढ़ता जी रहा है. मैदे में दही और खमीर(यीस्ट) से बनाए गए भठूरे मसालेदार काबुली चने के साथ मिलकर ऐसा स्‍वाद बनाते हैं कि अच्‍छे-अच्‍छों के मुंह में पानी आ जाए. छोले भठूरों की दुकानें अब सिंगापुर, दुबई, पाकिस्‍तान, अमेरिका, काठमांडू और आस्‍ट्रेलिया तक में नजर आने लगी हैं. कनाडा में तो ये पसंद किए जाने वाले स्‍ट्रीट फूड में सबसे आगे है.

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चाय
भारत में बनने वाले सभी गर्म पेय में चाय सबसे ज़्यादा प्रसिद है. चाय तो सदाबहार है और इसे मौसम की सीमा में नही बांधा जा सकता है. चाय की पहचान तो अब विदेशों में भी चाय के नाम से ही होती है. एंटीऑक्‍सीडेंट तत्‍वों से भरपूर यह चाय डायबिटीज के रोगियों के लिए भी लाभदायक है. अब तो विदेशों में हुए शोध में भी यह साबित हो चुका है कि थकान मिटाकर रिफ्रेश करने में चाय का मुकाबला कोई और नहीं कर सकता.

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राजमा चावल
खाने खिलाने की बात हो और राजमा चावल की बात न हो..ऐसा हो नहीं सकता. किडनी बीन्स(राजमा) एक ऐसी डिश जिसे आप किसी भी समय खा सकते हैं. यह डिश खुद में एक मील है. हालांकि लोगों का इसे बनाने का अंदाज जुदा हो सकता है लेकिन स्वाद अमूमन एक जैसा होता है. उत्तर भारत में लोग खासकर लंच के समय राजमा चावल खाना पंसद करते हैं. कुछ लोग राजमा और चावल को साथ में गर्म करके खाना पसंद करते हैं तो कई अलग-अलग इसका स्वाद लेना पसंद करते हैं.

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समोसा
समोसे की शुरूआत ईरान से मानी जाती है. इस समय अमेरिका, यूरोप, मध्‍य एशिया, दक्षिण एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीकी महाद्वीप के देशों में समोसे के दीवाने हैं. समोसे की उम्र भले ही बढ़ती गई पर पिछले एक हजार साल में उसकी तिकोनी आकृति में जरा भी परिवर्तन नहीं हुआ. आज समोसा भले ही शाकाहारी-मांसाहारी दोनों रूप में उपलब्ध है पर आलू के समोसों का कोई मुकाबला नहीं है और यही सबसे ज्यादा पसंद भी किया जाता है. इसके बाद पनीर एवं मेवे वाले समोसे पसंद किये जाते हैं. अब तो मीठे समोसे भी बाजार में उपलब्ध हैं. समोसे का असली मजा तो उसे डीप फ्राई करने में है, पर पाश्चात्य देशों में जहां लोग कम तला-भुना पसंद करते हैं, वहां लोग इसे बेक करके खाना पसंद करते हैं.

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