नई दिल्‍ली: रविवार को फ्रेंडशिप डे है. दोस्‍ती को सेलिब्रेट करने का दिन. वो दिन जब लोग अपने सच्‍चे दोस्‍तों को याद करते हैं.Also Read - Shiddat Review: प्यार...इश्क...जुनून पर हौले-हौले चढ़ती ‘शिद्दत’ की खुमारी

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दोस्‍ती का रिश्‍ता ही ऐसा होता है जो कई मायनों में खास होता है. ये ऐसा श्तिा है जो शायद ही किसी के जीवन में ना हो. इस रिश्‍ते को सलिब्रेट करने का दिन है 5 अगस्‍त यानी फ्रेंडशिप डे. Also Read - Bihar: प्रेमिका से मिलने 17 किमी साइकिल चलाकर प्रेमी आता था, गांववालों ने मंदिर में करा दी शादी

पर ये दोस्‍ती और फायदेमंद हो जाती है जब ये प्‍यार में बदल जाती है. जानें वो फायदे जो इस तरह के कपल्‍स को मिलते हैं.

1. पहला फायदा तो यही होता है कि आपको बेस्‍ट फ्रेंड से बेहतर कोई दूसरा नहीं समझ सकता. क्‍योंकि वो दोस्‍त ही होता है जिससे आप अपनी हर बात शेयर करते हैं.

2. बेस्‍ट फ्रेंड को ये बात पता होती है कि किस बात से आपको परेशानी होती है और कौन सी बात आपको अच्‍छी-बुरी लगती है. इससे अंडरस्‍टैंडिंग और बेहतर होती है.

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3. दोस्‍त के सामने आप वैसे होते हैं जैसे रियल में हैं. उसके आगे किसी तरह का दिखावा नहीं करना होता. उसे इंप्रेस नहीं करना पड़ता.

4. दोस्‍तों को एक-दूसरे के बारे में हर बात पता होती है. इसलिए किसी छिपी बात के बाहर आने का डर नहीं होता. दोस्‍त खुली किताब होते हैं.

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5. दोस्‍त एक-दूसरे को पहले से ही सलाह देते रहते हैं इसलिए बाद में भी वही आदत बनी रहती है. वे बिना कहे एक-दूसरे की परेशानी समझ जाते हैं.

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6. बेस्‍ट फ्रेंड्स के कई कॉमन फ्रेंड्स होते हैं इसलिए उनका एक कंफरटेबल सर्किल होता है. उनके पास कई टॉपिक्‍स होते हैं एक-दूसरे से बात करने के लिए.

7. अक्‍सर दोस्‍तों के कई साझा राज होते हैं. इसलिए वो बातें किसी को पता ना चले, इसलिए उनमें एक अंडरस्‍टैंडिंग बनी रहती है. वे एक-दूसरे के परिवारों से वाकिफ होते हैं, इसलिए वहां एडजस्‍ट करने में उन्‍हें दिक्‍कत नहीं होती.

8. दोस्‍तों को फाइनेंशियल परिस्थितियों के बारे में अच्‍छे से पता होता है. इसलिए वे एक-दूसरे से बेवजह की उम्‍मीदें नहीं रखते. उन्‍हें तो कम संसाधनों में खुश रहना आता है.

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